लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लखनऊ में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है| वह कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करने कन्नौज जा रहे थे| उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को सोमवार को उनके घर के पास हिरासत में ले लिया गया|
अखिलेश यादव ने कहा कि,'ख़ुद समारोह कर रही व विपक्ष को कोरोना के नाम पर गिरफ़्तार कर रही भाजपा के दोहरे मानदंड जनता देख रही है। भाजपा हताश है क्योंकि किसानों के साथ अब जनता भी जुड़ गयी है। जब सत्ता दमनकारी हो जाती है तो आंदोलन को क्रांति बनते देर नहीं लगती। हम भी देखते हैं कि भाजपा कितने दिन रोकेगी। यादव ने कहा कि,''सपा कार्यालय पर जिस तरह उप्र की भाजपा सरकार ने पुलिस बल का दुरुपयोग किया है, वो घोर निंदनीय है। अपने विरोध-प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा करनेवाले सपा के लोकतांत्रिक योद्धाओं की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।
समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि,''7 दिसम्बर 2020 को आयोजित किसान यात्रा में शामिल होने जा रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव और अन्य विधायकों एवं नेताओं की गिरफ्तारी कर भाजपा सरकार ने लोकतंत्र में उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन किया है। यह दम्भी सरकार है जिसे जनता के अधिकारों को कुचलने में जरा भी लोकलाज नहीं है। घमण्ड में चूर भाजपा सरकार सत्ता के दुरूपयोग की आदी हो रही है।
समाजवादी पार्टी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि,''भाजपा सरकार चाहती है किसानों को राहत और सुविधा से जीने का अवसर न मिले। उसने तीन कृषि अध??नियमों के माध्यम से किसानों के हितों पर आघात किया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने किसानों के 8 दिसम्बर 2020 के भारत बंद को पूर्ण समर्थन का निर्देश दिया है। आज पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में किसान यात्राओं का आयोजन किया गया है।
राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि,'लेकिन भाजपा सरकार ने अपनी हठधर्मी दिखाते हुए पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार कन्नौज जा रहे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव को वहां जाने से रोकने के लिए घटिया मानसिकता प्रदर्शित कर लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाते हुए उन्हें पहले तो घर में ही नज़र बंद करने की कोशिश की गई और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर एक सांसद के रूप में उनके विशेषाधिकार की भी अवमानना की गई।
चौधरी ने कहा कि,'कैसी विडम्बना है कि अखिलेश यादव के आवास पर देर रात्रि से ही बैरिकेडिंग कर दी गई थी। उनकी सुरक्षा फ्लीट में लगे वाहन भी जब्त कर लिए गए। वे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अतिरिक्त प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं। उनके साथ पुलिस का धक्का मुक्की करना, अभद्र व्यवहार जनता देख रही है। वह उसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव के लोकप्रिय व्यक्तित्व से सत्तादल घबराया हुआ है। उनके साथ अलोकतांत्रिक व्यवहार और उनकी राजनीतिक गतिविधियों को रोकने की कुचेष्टा संविधान विरोधी कृत्य है। इसकी जनता में व्यापक प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है। किसानों, नौजवानों की आवाज को कुचलने का भाजपा का प्रयास उनको ही भारी पड़ेगा। इसका खामियाजा भी भाजपा उठाएगी।
अखिलेश यादव ने भारत बंद में 8 दिसम्बर 2020 को शामिल होने की घोषणा की है। समाजवादी पार्टी आंदोलनकारी किसानों के साथ है। समाजवादी पार्टी किसानों की पार्टी है। समाजवादी पार्टी की नीतियां हमेशा किसानों के पक्ष में रही है। वह आज भी किसानों के साथ है। किसान कड़ाके की ठण्ड में अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। उनमें कईयों की मौत हो चुकी है। किसान आत्महत्या भी कर रहे है। उनके समर्थन में समाजवादी पार्टी का आवाज उठाना कहां से अनुचित है। समाजवादी पार्टी की आर्थिक नीतियां शुरू से ही खेती-किसानी पर आधारित रही है।