लखनऊ: आज लखनऊ विश्वविद्यालय में बाबा साहब की प्रतिमा पर उपस्थित होकर समाजवादी छात्र सभा ने डॉ०आंबेडकर जी को उनके परिनिर्वाण दिवस पर याद किया। परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर समाजवादी छात्रसभा द्वारा परम पूज्य बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विचार गोष्ठी की गई।
कार्यक्रम के दौरान लविवि के कुलपति प्रो०आलोक कुमार राय,कुलानुशासक श्री दिनेश कुमार, प्रो०राकेश चंद्रा व प्रो०दुर्गेश श्रीवास्तव ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के आयोजक लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रनेता महेंद्र कुमार यादव ने बाबा साहब के अंतिम सन्देश "यह कारवां आज जिस जगह पर है, मैं इसे बड़ी मुसीबतों के साथ असहनीय शारीरिक कष्ट सहकर, अपने विरोधियों से संघर्ष कर व मुश्किलों का सामना करके लाया हूं, तुम्हारा कर्तव्य है कि यह कारवां सदा आगे बढ़ता रहे, चाहे कितनी ही मुश्किलें व रुकावटें क्यों न आए। यदि मेरे अनुयायी इसे आगे न बढ़ा सके तो यहीं छोड़ दें, लेकिन किसी भी हालात में इसे पीछे ना जाने दें,यही मेरा अंतिम संदेश है" से छात्रों को अवगत कराते हुए कहा कि 26 नवंबर 1949 को बाबासाहब अंबेडकर की अगुवाई में संविधान को अपनाया गया। जिससे हम भारतीयों को समानता और सम्मान से जीने का अधिकार मिला। लेकिन मौजूदा सत्ता में इसकी मौलिकता पर हो रहा प्रहार हमें एकजुट हो इसकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध करता है।
छात्रनेता अक्षय यादव ने कहा कि देश तभी तरक्की करेगा जब दबे,कुचले एवं शोषित लोगों को आरक्षण के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।छात्र अमित सिंह ने बाबा साहब को याद करते हुए कहा कि अपने हक-अधिकार,स्वाभिमान और सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से पढ़ाई के साथ साथ लड़ना भी जरूरी है।
कार्यक्रम का संचालन छात्रनेता शिवम कृष्णा के द्वारा किया गया।इस मौके पर छात्रसभा के महेन्द्र कुमार यादव, अक्षय यादव, मनीष कुमार,अजीत विधायक, अमर यादव, दीपेश गुप्ता, मो०इरफान, शिवम कृष्णा,अमित सिंह, हिमांशु यादव, विशाल सिंह, अभिषेक, नीतीश,समीर अहमद,राकेश पटेल, चंद्रपाल यादव एवं अन्य छात्र उपस्थित रहे।