लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और सुलतानपुर के साथ अन्य जिलों में बाजार से अधिक कीमत पर पल्स ऑक्सीमीटर व इन्फ्रारेड थर्मामीटर खरीदने की जांच एसआइटी करेगी। मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले में एसआइटी का गठन किया है। भ्रष्टाचार करने वालों की जांच करने के लिए स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम का गठन किया गया है। शासन ने अपर मुख्य सचिव राजस्व की अध्यक्षता में एसआइटी गठित कर दी है।
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद सुल्तानपुर व गाजीपुर सहित कुछ अन्य जनपदों की कतिपय ग्राम पंचायतों में पल्स ऑक्सीमीटर तथा इंफ्रारेड थर्मामीटर की बाजार मूल्य से अधिक दर पर खरीद किए जाने के प्रकरण को अत्यन्त गंभीरता से लेते हुए, मामले की जांच हेतु SIT के गठन के निर्देश दिए हैं।
शासन द्वारा यह SIT अपर मुख्य सचिव, राजस्व विभाग, रेणुका कुमार जी की अध्यक्षता में गठित की गई है। सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग अमित गुप्ता जी तथा सचिव नगर विकास एवं एम.डी. जल निगम विकास गोठलवाल जी को इस SIT का सदस्य नामित किया गया है।एस.आई.टी. पूरे प्रकरण की जांच कर 10 दिन में अपनी आख्या शासन को प्रस्तुत करेगी।
बताया जा रहा है,''SIT की जांच में गोंडा भी है शामिल| गोंडा के भी अधिकारी है रडार पर|अधिकारियों पर हो सकती है कार्यवाही| कोरोना काल मे हुई खरीददारी की हो रही है जांच| पूरे प्रदेश में हो रही है जांच|
बयान के मुताबिक शासन ने कोविड-19 की रोकथाम हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत में पल्स ऑक्सीमीटर, इन्फ्रारेड थर्मामीटर तथा सेनेटाइजर का एक सेट राज्य वित्त आयोग की धनराशि से खरीदे किए जाने के निर्देश दिए थे। सुल्तानपुर और गाजीपुर के साथ कुछ अन्य जिलों में कुछ ग्राम पंचायतों में बाजार मूल्य से अधिक इन उपकरणों को खरीदे जाने की जानकारी शासन को प्राप्त हुई थी।
बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने सदैव इस बात पर विशेष बल दिया है कि भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार नीति कतई बर्दाश्त नहीं करने की है साथ ही उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि इस सम्बन्ध में किसी भी स्तर पर यदि अनियमितता की जानकारी प्राप्त होती है, तो प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।