मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा करने के आरोप में 12 BJP विधायक एक वर्ष के लिए निलंबित कर दिया गया है| महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि,''विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अभद्र भाषा के प्रयोग के बाद हंगामे के बाद विधानसभा सत्र स्थगित कर दिया गया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है|
महाराष्ट्र विधानसभा में हंगाम करने के आरोप में निलंबित बीजेपी के 12 विधायक राजभवन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की|
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बीजेपी विधायक आशीष शेलार ने कहा कि ,''हम 12 निलंबित विधायक राज्यपाल जी से मिले और सदन की घटना को हमने उनके सामने रखा। जो वीडियो मंत्री जी ने रिलीज किया है उसमें दिखाई देता है कि हमारे सदस्यों ने कोई गलत काम नहीं किया। इसके बावजूद हमारे ऊपर निलंबन की 1 साल की कार्रवाई तानाशाही है, इसका हम विरोध करते हैं| शेलार ने कहा कि,''हमने राज्यपाल जी से मांग की है कि सरकार से आज की घटना का रिपोर्ट मांगे और उचित कार्रवाई करें। उन्होंने हमें इस संदर्भ में आश्वासित किया है|
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा सत्र के दौरान सदन में हंगामा करने के आरोप में सोमवार को भाजपा के 12 विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया है। ये विधायक कई मामलों पर विधानसभा में हंगामा कर रहे थे। महाराष्ट्र विधानसभा के पीठासीन अधिकारी द्वारा निलंबित किए गए भाजपा विधायकों ने शाम को मुंबई में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से राजभवन में मुलाकात की।
इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा का दो दिवसीय मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत में ही भाजपा हाथों में बैनर थामे हुए महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा सत्र बिना शोर शराब के बीत जाए इसके लिए शिवसेना व भाजपा की मान मनौव्वल करने में लगी हुई थी।
शिवसेना सांसद संजय राउत ने अपने एक बयान में कहा था कि विपक्षी दल भाजपा अगर महाराष्ट्र के लोगों का हित के बारे में सोचता है तो उसे मानसून सत्र में किसी प्रकार का व्यवधान पैदा नहीं करना इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय राउत बोले,‘ हल्ला-हंगामा कर सरकार को घेरना सही नहीं है।
महाराष्ट्र के मंत्री नितिन राउत ने आज से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में पेश होने वाले प्रस्ताव की जानकारी देते हुए कहा कि हम केंद्र को ओबीसी आरक्षण के लिए एकत्र किए गए आंकड़ों को राज्यों को उपलब्ध कराने की मांग करेंगे। यह आंकड़ें अभी तक राज्यों को नहीं दिये गए हैं। जब तक हम इसे प्राप्त नहीं कर लेते और इसे सुप्रीम कोर्ट को जमा नहीं करवाते तक तक हमें ओबीसी आरक्षण नहीं मिल सकता। नितिन राउत ने कहा हमारे किसान कठिन परिस्थितियों में दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, कुछ को कोरोना हो गया था, कुछ की मृत्यु भी हो गई थी। हम किसानों के हित के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस पर सदन में प्रस्ताव लाएंगे।