यरूशलम: इज़राइल इस समय अपने इतिहास की सबसे भीषण आग से जूझ रहा है। बेइत शेमेश के पास जंगलों में लगी आग ने अब तक 12,000 किलोमीटर क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। आग की लपटें यरूशलम तक पहुंच चुकी हैं और देश के कई हिस्सों में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को राष्ट्रीय आपदा घोषित करते हुए राष्ट्रीय आपातकाल लागू कर दिया है और संयुक्त राष्ट्र समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आपात सहायता की अपील की है।
क्या है मामला?
बुधवार को इज़राइल में स्वतंत्रता दिवस और मेमोरियल डे मनाया जा रहा था, उसी दौरान यरूशलम के पश्चिमी हिस्सों के जंगलों में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने आसपास के कस्बों को अपनी चपेट में ले लिया। छह से अधिक कस्बों को खाली कराया गया, और यरूशलम-तेल अवीव के बीच रूट 1 हाईवे भी प्रभावित हुआ।
राहत एवं बचाव कार्य
160 से अधिक फायर ब्रिगेड और बचाव दल आग बुझाने में जुटे हैं।
हवाई जहाज और हेलीकॉप्टरों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है।
इज़राइली सेना भी खोज और राहत कार्यों में सहयोग कर रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग कारें छोड़कर भागते और सड़कें जलती हुई दिख रही हैं।
हवाओं और सूखे मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें
तेज़ हवाएं और सूखा मौसम आग को फैलने में मदद कर रहे हैं। यरूशलम और तेल अवीव जैसे बड़े शहरों के निकट यह आग पहुँच चुकी है, जिससे देशभर में दहशत का माहौल है।
नेतन्याहू का बयान
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा:
"यह केवल एक पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि एक मानवीय आपदा है। हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं और दुनिया से सहयोग की उम्मीद करते हैं।"