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24 अगस्त 2026

मेड इन इंडिया 5जी सेवाएं दूरस्थ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में क्रांति लाएगी: प्रधानमंत्री ने मोहाली में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया

चंडीगढ़/मोहाली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज साहिबजादा अजीत सिंह नगर, मोहाली में होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का कार्यक्…

मेड इन इंडिया 5जी सेवाएं दूरस्थ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में क्रांति लाएगी: प्रधानमंत्री ने मोहाली में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया
मेड इन इंडिया 5जी सेवाएं दूरस्थ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में क्रांति लाएगी: प्रधानमंत्री ने मोहाली में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया | फ़ोटो: TVL News

चंडीगढ़/मोहाली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज साहिबजादा अजीत सिंह नगर, मोहाली में होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का कार्यक्रम देश की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों को सेवा प्रदान करेगा।उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी के लिए पंजाब के लोगों को धन्यवाद दिया।



प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत को विकसित बनाने के लिए उसकी स्वास्थ्य सेवाओं का भी विकसित होना उतना ही जरूरी है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत के लोगों को इलाज के लिए आधुनिक अस्पताल मिलेंगे, आधुनिक सुविधाएं मिलेंगीं, तो वो और जल्दी स्वस्थ होंगे, उनकी ऊर्जा सही दिशा में लगेगी। प्रधानमंत्री ने कैंसर के इलाज के लिए सुविधाएं सृजित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि टाटा मेमोरियल सेंटर अब हर साल 1.5 लाख नए मरीजों के इलाज के लिए सुसज्जित है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में नए अस्पताल और एम्स से पीजीआई चंडीगढ़ पर बोझ कम होगा और मरीजों और उनके परिवारों को काफी राहत मिलेगी।



प्रधानमंत्री ने कहा कि अच्छे हेल्थकेयर सिस्टम का मतलब सिर्फ चार दीवारें बनाना नहीं होता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी देश का हेल्थकेयर सिस्टम तभी मजबूत होता है, जब वो हर तरह से समाधान दे, कदम-कदम पर उसका साथ दे। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इसलिए बीते आठ वर्षों में देश में होलिस्टिक हेल्थकेयर को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा गया है।



प्रधानमंत्री ने कहा कि आज एक नहीं, दो नहीं, छह मोर्चों पर एक साथ काम करके देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारा जा रहा है। सभी छह मोर्चों पर विस्तार से बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहला मोर्चा है, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देने का। दूसरा मोर्चा है, गांव-गांव में छोटे और आधुनिक अस्पताल खोलने का, तीसरा मोर्चा है- शहरों में मेडिकल कॉलेज और मेडिकल रीसर्च वाले बड़े संस्थान खोलने का। चौथा मोर्चा है- देशभर में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने का। पांचवा मोर्चा है- मरीजों को सस्ती दवाइयां, सस्ते उपकरण उपलब्ध कराने का। और छठा मोर्चा है- टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मरीजों को होने वाली मुश्किलें कम करने का।



प्रधानमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के कारण, जलजनित रोगों से पीड़ित रोगियों की संख्या में काफी कमी आई है। इसी तरह स्वच्छता, योग, फिटनेस ट्रेंड, पोषण अभियान, रसोई गैस आदि मरीजों की संख्या में कमी ला रहे हैं। दूसरे मोर्चे पर, गुणवत्ता परीक्षण सुविधाएं बनाई गई हैं और 1.5 लाख से अधिक हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। जिनमें से 1.25 की स्थापना हो चुकी है। पंजाब में करीब 3000 केंद्र काम कर रहे हैं। पूरे देश में 22 करोड़ से ज्यादा लोगों की कैंसर की जांच की जा चुकी है, जिसमें से 60 लाख स्क्रीनिंग पंजाब में हुई।



प्रधानमंत्री ने कहा कि एक बार बीमारी का पता चलने के बाद ऐसे उन्नत अस्पतालों की जरूरत पैदा हो जाती है, जहां गंभीर बीमारियों का ठीक से इलाज हो सके। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि केंद्र सरकार देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज के लक्ष्य पर काम कर रही है। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत आयुष्मान भारत योजना 64 हजार करोड़ रुपये की लागत से जिला स्तर पर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्माण कर रही है। प्रधानमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि एक समय में, देश में केवल 7 एम्स थे, लेकिन अब यह संख्या 21 हो गई है। सरकार ने देश भर में लगभग 40 विशिष्ट कैंसर संस्थानों को मंजूरी दी है, जिनमें से कई अस्पतालों ने पहले ही सेवाएं प्रदान करना शुरू कर दिया है।



प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अस्पताल बनाना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी पर्याप्त संख्या में अच्छे डॉक्टरों का होना, दूसरे पैरामेडिक्स का उपलब्ध होना भी है। प्रधानमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि इसके लिए भी आज देश में मिशन मोड पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “2014 से पहले देश में 400 से भी कम मेडिकल कॉलेज थे। यानि 70 साल में 400 से भी कम मेडिकल कॉलेज। वहीं बीते 8 साल में 200 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज देश में बनाए गए हैं।”



 प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने 5 लाख से अधिक आयुष डॉक्टरों को एलोपैथिक डॉक्टरों के समान में मान्यता दी है और इससे भारत में डॉक्टर और रोगी के अनुपात में सुधार लाने में मदद मिली है। आयुष्मान भारत ने गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराया है और इसके परिणामस्वरूप अब तक 3.5 करोड़ मरीजों का इलाज हो चुका है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इन 3.5 करोड़ रोगियों में से कई कैंसर रोगी थे। आयुष्मान भारत योजना से मरीजों के करीब 40 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज के लिए 500 से अधिक दवाओं की कीमत में 90 प्रतिशत तक की कमी देखी गई, जिससे एक हजार करोड़ रुपये तक की बचत हुई।



प्रधानमंत्री ने कहा कि हेल्थ सेक्टर में आधुनिक टेक्नॉलॉजी का भी पहली बार इतनी बड़ी स्केल पर समावेश किया जा रहा है। अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन ये सुनिश्चित कर रहा है कि हर मरीज को क्वालिटी स्वास्थ्य सुविधाएं मिले, समय पर मिलें, उसे कम से कम परेशानी हो। प्रधानमंत्री ने मेड इन इंडिया 5जी सेवाओं के प्रत्याशित लॉन्च पर प्रकाश डाला, जो दूरस्थ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि इससे गांव के गरीब परिवारों के मरीजों की बड़े अस्पतालों में बार-बार आने की मजबूरी कम होगी। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि कैंसर के कारण जो डिप्रेशन की स्थितियां बनती हैं, उनसे लड़ने में भी हमें मरीजों की, परिवारों की मदद करनी है। उन्होंने कहा, “एक प्रोग्रेसिव समाज के तौर पर ये हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम मेंटल हेल्थ को लेकर अपनी सोच में बदलाव और खुलापन लाएं। तभी इस समस्या का सही समाधान निकलेगा।"





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यह रिपोर्ट 24 अगस्त 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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