मुंबई: चांदीवाल कमीशन ने मंगलवार को उद्धव ठाकरे सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है| इस आयोग का गठन मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए किया गया था| चांदीवाल कमीशन ने पहले अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी थी| इसके बाद आज मुख्यमंत्री ठाकरे को रिपोर्ट सौंपी है| परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे|
100 करोड़ की वसूली के मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने चांदीवाल कमीशन का गठन किया था| कमीशन ने अपनी रिपोर्ट आज (26 अप्रैल, मंगलवार) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सौंप दी है| चांदीवाल कमीशन ने यह 201 पन्नों की रिपोर्ट पहले गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील को सौंपी| गृहमंत्री ने फिर यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सुपुर्द कर दी| खबर है कि चांदीवाल कमीशन की रिपोर्ट में मुंबई के पूर्व पुलिस कमीश्नर परमबीर सिंह के आरोपों को बेबुनियाद बताया गया है| इस रिपोर्ट में महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को क्लीन चिट दिया गया है|
करीब एक साल तक चली जांच के दौरान आयोग ने देशमुख, बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे और अन्य के बयान दर्ज किए। सिंह कई बार सम्मन भेजे जाने के बाद केवल एक बार आयोग के सामने पेश हुए थे। मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख ने कई हलफनामों के माध्यम से आयोग को बताया कि उनके पास मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में दी गई जानकारी के अलावा और कुछ नहीं है।
मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए सभी आरोपों को रिपोर्ट में झूठा और बेबुनियाद बताया गया है| यानी चांदीवाल कमीशन की रिपोर्ट फिलहाल अनिल देशमुख के लिए बहत बड़ी राहत की खबर लेकर आई है| परमबीर सिंह ने लेटर बम डाल कर अनिल देशमुख को मुश्किल में डाला था|
मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह सीएम उद्धव ठाकरे को लेटर लिख कर यह आरोप लगाया था कि ,'' उन्होंने हर महीने 100 करोड़ रुपये कलेक्ट करने का आदेश सचिन वाजे को दिया था| हालांकि देशमुख ने पलटवार करते हुए कहा था कि परमबीर सिंह ने खुद को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए ये आरोप लगाए हैं|
परमबीर सिंह के इस लेटर बम से खलबली मच गई थी| इस आरोप के बाद अनिल देशमुख मुश्किलों में घिर गए| उन्हें गृहमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा| हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने इस केस की जांच शुरू कर दी| ऐसे में एक और केंद्रीय जांच एज???ंसी ईडी की भी एंट्री हो गई| अनिल देशमुख के कई ठिकानों पर छापे पड़े और फिर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया| फिलहाल देशमुख मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में हैं|
फरवरी 2021 में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास 'एंटीलिया' के निकट एक एसयूवी से विस्फोटक सामग्री मिलने की घटना के समय परमबीर सिंह मुंबई पुलिस आयुक्त थे। इस घटना के बाद मार्च में सिंह का तबादला कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने आरोप लगाया था कि देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को शहर के बार और रेस्तरां से हर महीने 100 करोड़ रुपये की जबरन वसूली करने का निर्देश दिया था।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी सिंह द्वारा देशमुख के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर रहे हैं। अप्रैल 2021 में राज्य के गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले देशमुख को पिछले साल नवंबर में धनशोधन के मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था।