नई दिल्ली: कृषि विधेयक के विरोध में बीजेपी के सबसे पुरानी सहयोगी शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के एनडीए को छोड़ दिया है| शिरोमणि अकाली दल के एनडीए छोड़ने पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि,जिस गठबंधन में शिवसेना और अकाली दल नहीं हैं मैं उसको NDA नहीं मानता|
रविवार को शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि,'NDA के मजबूत स्तंभ शिवसेना और अकाली दल थे। शिवसेना को मजबूरन NDA से बाहर निकलना पड़ा, अब अकाली दल निकल गया। NDA को अब नए साथी मिल गए हैं, मैं उनको शुभकामनाएं देता हूं। जिस गठबंधन में शिवसेना और अकाली दल नहीं हैं मैं उसको NDA नहीं मानता
बता दें कि कृषि विधेयक के विरोध में पहले अकाली दल के कोटे से केंद्र में मंत्री हरसिमरत कौर ने 17 सितंबर को इस्तीफा दे दिया था| अब अकाली दल ने सत्ताधारी एनडीए से बाहर निकलने का निर्णय ले लिया है| शनिवार को शिरोमणी अकाली दल ने अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में एनडीए से अलग होने का निर्णय ले लिया|पार्टी की तरफ से आए बयान में कहा गया है कि बीजेपी नीत एनडीए से पार्टी नाता तोड़ रही है|
शनिवार को SAD के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि,शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए से बाहर निकलने का फैसला किया| इसका कारण केंद्र सरकार द्वारा कानूनी तौर पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य(MSP) की गारंटी न देने की जिद और पंजाबी और सिखों के मुद्दे पर असवेंदनशीलता है|
बादल ने कहा कि,''बीजेपी सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयक संकटग्रस्त किसानों के लिए घातक हैं, लेकिन शिरोमणी अकाली दल शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और सामान्य रूप से पंजाब, पंजाबी के हितों और विशेष रूप से सिखों और किसानों के हितों के अपने मूल सिद्धांतों के साथ खड़ा रहेगा।