मुंबई: उद्धव ठाकरे ने बुधवार रात सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है| उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शिवसेना के नेता संजय राउत ने एक स्केच ट्वीट कर पार्टी के बागी विधायकों पर निशाना साधा है| संजय राउत ने स्केच ट्वीट करते हुए लिखा,''वास्तव में ठीक इस तरह हुआ,...पीछे से पीठ पर छुरा घोंप दिया
शिवसेना के नेता संजय राउत ने एक स्केच ट्वीट किया,''जिसके साथ मराठी में लिखा कि, "नेमके हेच घडले! वास्तव में ठीक इस तरह हुआ!" | दरअसल संजय राउत ने जो स्केच ट्वीट किया उसमें एक व्यक्ति के पीठ पर चोट के निशान नजर आ रहे हैं|
राउत ने कहा,' मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे ने अत्यंत शालीनता से पदत्याग किया.हमने एक संवेदनशील, सभ्य मुख्यमंत्री खो दिया.इतिहास गवाह है कि धोखाधड़ी का अंत अच्छा नहीं होता.ठाकरे जीते.यह शिवसेना की शानदार जीत की शुरुआत है.लाठियां खाएंगे,जेल जाएंगे, पर बालासाहेब की शिवसेना को दहकती रखेंगे!
गौरतलब है कि,' सुप्रीम कोर्ट के 'फ्लोर टेस्ट' के फैसले के बाद उद्धव ठाकरे ने बुधवार रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया था| उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल बीएस कोश्यारी के आवास पर जाकर उन्हें सौंपा था|
शिवसेना विधायकों द्वारा बगावत किए जाने से राज्य में सप्ताह भर से राजनीतिक अस्थिरता निर्माण हो गई। इस पार्श्वभूमि में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने बहुमत सिद्ध करने का आदेश दिया था। इस संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका पर हुई सुनवाई के बाद न्यायालय ने राज्यपाल के निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया। जिसके बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाइव के माध्यम से राज्य की जनता से संवाद साधा और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं, ऐसी घोषणा की।
उद्धव ठाकरे ने कहा,'मुझे बहुमत का खेल नहीं खेलना है, जिन्हें शिवसेना प्रमुख और शिवसैनिकों ने बड़ा किया उन शिवसेना प्रमुख के बेटे को मुख्यमंत्री के पद से नीचे उतारने का पुण्य मिलता होगा तो उन्हें मिलने दो। उनकी यह खुशी कोई छीनने की कोशिश न करे। मुझे कुर्सी से चिपककर नहीं बैठना है। मैं मुख्यमंत्री पद का त्याग करता हूं, इसी के साथ-साथ विधान परिषद के विधायक पद से भी इस्तीफा देता हूं|
शिवसेना प्रमुख रिक्शावाले, टपरीवाले से लेकर हाथभट्ठी वालों को भी अच्छे मार्ग पर ले आए। उन्हें नगरसेवक और विधायक बनाया, परंतु यही लोग बड़े बनने पर उन्हें भूलने लगे। जिन्हें हमने बड़ा किया, सत्ता आने पर जो संभव था वो सब दिया। वे आज नाराज हो गए हैं, परंतु आम शिवसैनिक ‘मातोश्री’ पर आकर हम आपके साथ होने की बात कहते हैं। जिन्हें इतना दिया वे नाराज हो गए और जिन्हें कुछ नहीं दिया वे आज हमारे साथ हैं। इसे ही मानवता कहते हैं। यही वास्तविक शिवसेना है, ऐसा उद्धव ठाकरे ने बागियों पर तंज कसते हुए कहा।
रिक्शा वाला, पानवाला न जाने कितनों को मंत्री बनाया बाला साहेब ने आज वो लोग उन्हें भूल गए
शिवसेना ने आम लोगों को बड़ा बनाया। रिक्शावाले, टपरीवालों से लेकर हाथभट्ठी वालों तक को शिवसेना प्रमुख ने अच्छे मार्ग पर लाया। नगरसेवक, महापौर, विधायक, मंत्री, सांसद बनाया, परंतु वही लोग बड़ा बनने के बाद शिवसेना को ही भूलने लगे। जिन्हें दिया वे नाराज हैं और जिन्हें नहीं दिया वे पूरे साहस के साथ, साथ हैं। बीते चार-पांच दिनों में ‘मातोश्री’ पर आने के बाद लगातार आम लोग आते हैं और साहेब चिंता मत करो आप सिर्फ लड़ो हम आपके साथ हैं, ऐसा कहते हैं। इसे इंसानियत कहते हैं, इसे शिवसेना कहते हैं और इसे शिवसैनिक कहते हैं। यह जो हमारा नाता है उसे नाते के जोर पर सेना आज तक मजबूती से खड़ी रही है। कई चुनौतियां आई और इन सामान्य लोगों की मदद से उन्हें नाकाम करके शिवसेना खड़ी है।
मुझे आपके प्रेम और आशीर्वाद की मिठाई चाहिए। वारकरी कहते हैं कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हाथों पूजा होनी चाहिए। जो अच्छा होगा वह होगा। वह अच्छा करने के लिए आशीर्वाद चाहिए, ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा।
‘जीवन सार्थक होने की आज मेरी भावना है क्योंकि शिवसेनाप्रमुख ने औरंगाबाद का संभाजीनगर नाम रखा था उसका संभाजीनगर नामकरण आज हमने किया। इसी तरह उस्मानाबाद को भी धाराशीव नाम हमने दिया है, ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा। जहां छोटे से बड़े हुए, मुख्यमंत्री बने, उस बांद्रा स्थित गवर्नमेंट कॉलोनी में रहनेवाले सरकारी कर्मचारियों को उनके अधिकारों का घर मिले इसके लिए भूखंड भी मंजूर किया, ऐसा भी उन्होंने कहा।