मुख्य सामग्री पर जाएँ
24 अगस्त 2026

शिवाजी पार्क में ही होगी शिवसेना की दशहरा रैली: उद्धव ठाकरे बोले- अनुमति मिलेगी या नहीं...पता नहीं

मुंबई: शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सोमवार को कहा कि पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली मुंबई के शिवाजी पार्क में ही होगी। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि,'शिवसेना की दशहरा रैली मुंबई के शिवाजी पार्…

शिवाजी पार्क में ही होगी शिवसेना की दशहरा रैली: उद्धव ठाकरे बोले- अनुमति मिलेगी या नहीं...पता नहीं
शिवाजी पार्क में ही होगी शिवसेना की दशहरा रैली: उद्धव ठाकरे बोले- अनुमति मिलेगी या नहीं...पता नहीं | फ़ोटो: TVL News

मुंबई: शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने सोमवार को कहा कि पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली मुंबई के शिवाजी पार्क में ही होगी। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि,'शिवसेना की दशहरा रैली मुंबई के शिवाजी पार्क में होगी। इस रैली में प्रदेश भर से शिवसैनिक पहुंचेंगे। हमें नहीं पता कि हमें रैली की अनुमति मिलेगी या नहीं|



गौरतलब है कि, इस साल जून में पार्टी में फूट के बाद शिवसेना की यह पहली दशहरा रैली होगी। शिवसेना विधायकों के एक समूह के विद्रोह के कारण ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी। शनिवार को, उद्धव ठाकरे के बेटे और राज्य के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि अधिकारी अपनी वार्षिक दशहरा रैली आयोजित करने के लिए शिवसेना के एक आवेदन को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।



दशहरा इस साल 5 अक्टूबर को मनाया जाएगा। उद्धव ठाकरे ने सोमवार को कहा कि शिवसैनिकों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से शिवाजी पार्क आने की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "शिवसेना की वार्षिक सभा शिवतीर्थ शिवजी पार्क में होगी।"



ठाकरे का यह बयान उनकी अगुवाई वाले पार्टी के धड़े को बृहन्मुंबई महानगरपालिका से रैली के लिए अभी तक मंजूरी नहीं मिलने की पृष्ठभूमि में आया है। शिवसेना पिछले कई वर्षों से विशाल शिवाजी पार्क में इस रैली का आयोजन करती रही है| गौरतलब है कि,बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) पर 1997 से इस साल मार्च तक शिवसेना का नियंत्रण रहा। नागरिक निकाय वर्तमान में एक प्रशासक द्वारा शासित है।



वहीँ, 26 अगस्त 2022 को शिवसेना ने सामना में कहा, देश के हालात संभ्रमित होने जैसे होने की बात शरद पवार ने कही है। ऐसी कई संभ्रमित बातों की वर्तमान में बाढ़ आ गई है। सरकारें चुनकर लाने की बजाय विरोधियों की सरकारों को गिराना, पार्टी तोड़ना ऐसा जो चल रहा है, इसकी वजह से विष्णु का पसंदीदा फूल ‘कमल’ बदनाम हो गया है। ‘ऑपरेशन लोटस’ अर्थात ‘कमल’ अलकायदा की तरह दहशतवादी शब्द बन गया है। ‘


शिवसेना ने आगे कहा, महाराष्ट्र में ईडी के डर से शिंदे गुट घुटनों के बल बैठ गया, ऐसे अन्य राज्यों में कोई भी झुकने को तैयार नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम दिल्ली राज्य में घटित हुआ। ईडी, सीबीआई का इस्तेमाल करके केजरीवाल की सरकार को गिराने का प्रयास चल रहा है। दिल्ली सरकार की शराब नीति, उनकी आबकारी नीति, उनके द्वारा मद्य विक्रेताओं  को दिए गए ठेके, यह भाजपा के दृष्टिकोण से आलोचना का विषय होगा, परंतु यह निर्णय व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि पूरी सरकार का था और इसमें दिल्ली के नायब राज्यपाल का भी समावेश होता है, लेकिन कैबिनेट  के निर्णय का ठीकरा उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर फोड़कर उनके खिलाफ सीबीआई ने छापेमारी की।। उन्हें इस प्रकरण में एक नंबर का आरोपी बनाया और यह प्रकरण अब ईडी के पास मतलब भाजपा की विशेष शाखा के सुपुर्द कर दिया गया है। मनीष सिसोदिया पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।



शिवसेना ने  कहा, महाराष्ट्र में गृहमंत्री अनिल देशमुख, मंत्री नवाब मलिक, सांसद संजय राऊत की आवाज को दबाने के लिए उन्हें उठाकर जेल में डाला गया। शिवसेना ने  कहा,'''इन ईडी, सीबीआई वालों से हमारा सवाल है, बीते सात-आठ वर्षों में जिस जल्दबाजी से सार्वजनिक वंâपनियां, हवाई अड्डों की बिक्री की गई, उसमें सरकार को क्या नफा-नुकसान हुआ और इस पर इन जांच एजेंसियों ने कौन-सी कार्रवाई की? 



शिवसेना ने  कहा बिहार में सत्ता परिवर्तन होते ही राष्ट्रीय जनता दल पर सीबीआई, ईडी के छापे पड़ना, यह महज संयोग कैसे  हो सकता है? परंतु तेजस्वी यादव ने सीधे कहा, ‘महाराष्ट्र में जो हुआ वह बिहार में नहीं होगा, बिहार डरेगा नहीं। जो डरपोक हैं उन्हें ईडी, सीबीआई का डर दिखाओ।’ असल में केंद्र  सरकार और उनके प्रमुखों को 2024 को लेकर डर लग रहा है। 



यह डर केजरीवाल, ममता, उद्धव ठाकरे, नीतीश कुमार और शरद पवार का हैं। इन प्रमुखों को अपने साये से भी डर लगता है। इसलिए नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान के भी पीछे पड़ गए, ऐसा लगता है। इतना बड़ा बहुमत होने के बावजूद इन लोगों को डर क्यों लगता है? इसका एक ही उत्तर है उनका बहुमत पवित्र नहीं है। वह चुराया गया है। इसलिए स्वतंत्रता और लोकतंत्र खतरे में है, ऐसी अवस्था में जो समर्पण करेंगे, वहीं देश के वास्तविक शत्रु होंगे! छापेमारी का सत्र और बदले की छापेमारी ही उनका शस्त्र है। उसी शस्त्र से उनका ‘ऑपरेशन कमल’ हुआ, परंतु कमल के लाभार्थियों पर सरकारी छापे का वार नहीं होता है। देश की न्याय व्यवस्था में हमारा विश्वास है। परंतु न्याय के निर्णय में विलंब न हो इनती ही जनता की अपेक्षा है अर्थात आज शासकों का कामकाज इसी तरह से चल रहा है कि देश में एक संभ्रमित युग आ गया है। इस संभ्रमित युग में अब कौन अवतार लेगा? अन्यथा जनता को ही नरसिंह का अवतार धारण करना होगा





tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 29 अगस्त 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।