मुंबई: राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कहना है कि जिसे किसी को मेरी सरकार गिरानी हो वो आज ही गिराए। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज एक जोरदार आह्वान किया, ‘जिस किसी को मेरी सरकार गिरानी हो वो आज ही गिराए! अभी, इस साक्षात्कार के दौरान ही गिराए। फिर देखता हूं मैं!’ मुख्यमंत्री ठाकरे के ‘सामना’ में प्रकाशित हो रहे साक्षात्कार ने कई मुद्दों का खुलासा किया|
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा,सरकार तीन पहिया ही है। रिक्शा ही है वो गरीबों का। स्टेयरिंग मेरे हाथ में, लेकिन पीछे दोनों बैठे हैं!मेरी सरकार का भविष्य विपक्ष के हाथों में नहीं|
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, रिक्शा गरीबों का वाहन है। बुलेट ट्रेन या रिक्शा में चुनाव करना पड़ा तो मैं रिक्शा ही चुनूंगा। मैं गरीबों के साथ खड़ा रहूंगा। मेरी यह भूमिका मैं बदलता नहीं हूं। कोई ऐसी सोच न बनाए कि अब मैं मुख्यमंत्री बन गया हूं, मतलब बुलेट ट्रेन के पीछे खड़ा रहूंगा। नहीं, मैंने इतना ही कहा कि मैं मुख्यमंत्री होने के नाते सर्वांगीण विकास करूंगा। मेरी राय है कि लोग मेरे साथ होने के कारण बुलेट ट्रेन नहीं, ये तो है ही परंतु अभी भी सर्वमत से बुलेट ट्रेन नहीं चाहिए होगी तो मैं नहीं करूंगा। इसलिए 3 पहिया तो 3 पहिया… वह एक दिशा में चलती है ना। फिर आपका पेट क्यों दुखता है! केंद्र में कितने पहिये हैं? हमारी तो ये तीन पार्टियों की सरकार है। केंद्र में कितने दलों की सरकार है, बताओ ना! पिछली बार जब मैं एनडीए की मीटिंग में गया था, तब तो 30-35 पहिए थे। मतलब रेलगाड़ी थी।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, अभी हमारी गाड़ी कहां पटरी पर आ रही है। अब हमारी रिक्शा अच्छे से चलने लगी है। स्टेरिंग मेरे हाथ में है। पीछे दो लोग बैठे हैं। लेकिन एक बात बताता हूं, आप सत्ता की बात करें तो एक ही दल की सरकार जैसा बड़ा सपना नहीं है। यह आपका व्यक्तिगत सपना हो सकता है लेकिन उसका जरा-सा भी उपयोग नहीं है। कौड़ी की कीमत नहीं है। क्योंकि जब उस सपने में जनता का सपना शामिल नहीं होता तब तक एकतरफा सरकार नहीं आती। और जो सपना सरकार आने के बावजूद पूरा नहीं हो सकता तो जनता ही उसे गिराए बिना नहीं रहेगी। अब महाराष्ट्र में एक अलग प्रयोग किया गया है। तीन अलग-अलग विचारधाराओं के दल एक विचित्र राजनीतिक परिस्थिति में एक हुए हैं। उसमें सिर्फ और सिर्फ अपरिहार्यता के रूप में मुख्यमंत्री पद की कुर्सी मैंने स्वीकार की है। यह सम्मान है। सम्मान का पद है। बहुत बड़ा है। लेकिन यह मेरा सपना कभी नहीं था। लेकिन अब मैंने इसे स्वीकार कर लिया है।
शिवसेना के मुखपत्र सामना में जब उनसे पूछा गया कि क्या ऑपरेशन लोटस महाराष्ट्र में सफल होगा या नहीं? तो इस पर उन्होंने कहा कि,''करके देखो ना। मैं भविष्यवाणी कैसे करूंगा? आप करके देखो। जोड़-तोड़ करके देखो। एक महत्वपूर्ण मुद्दा क्या है कि ऐसा कोई भी विपक्षी नेता दिखाओ जो दूसरी पार्टी में जाकर सर्वोच्च पद पर पहुंचा है, मुख्यमंत्री बना है। आपको आपकी पार्टी में ऐसा क्या मिलता नहीं है कि आप दूसरी पार्टी में जाते हैं। कई जगह पर ऐसे उदाहरण हैं। ऐसे तोड़फोड़ होता है उसके पीछे ‘इस्तेमाल करो और फेंक दो’ यही नीति सबने अपनाई है।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा,''मैं तो यहां बैठा ही हूं। उनका इरादा होगा या नहीं होगा… कुछ लोग कहते हैं कि अगस्त-सितंबर में सरकार गिराएंगे। मेरा कहना है कि इंतजार किस बात का करते हो, अभी गिराओ। मेरा साक्षात्कार चलने के दौरान सरकार गिराओ। मैं क्या फेविकॉल लगाकर नहीं बैठा हूं। गिराना होगा तो गिराओ। अवश्य गिराओ। आप को गिराने-पटकने में आनंद मिलता है ना। कुछ लोगों को बनाने में आनंद मिलता है। कुछ लोगों को बिगाड़ने में आनंद मिलता है। बिगाड़ने में होगा तो बिगाड़ो। मुझे परवाह नहीं है। गिराओ सरकार। उन्होंने कहा कि इस सरकार का भविष्य विपक्ष के नेता पर निर्भर नहीं है। इसलिए मैं कहता हूं कि सरकार गिराना होगा तो अवश्य गिराओ। अभी गिराओ।
राजस्थान की सरकार गिराने की कवायद पर उन्होंने कहा कि,'वे दूसरा क्या कर सकते हैं? यह उनका लोकतंत्र है ना। अर्थात यहां की हमारी सरकार लोकतंत्र विरोधी है और पैसे देकर तोड़कर यहां लाई जानेवाली सरकार लोकतंत्र के अनुसार होगी। यह उनके लोकतंत्र की व्याख्या है। लोकतंत्र का मजाक शिवसेना प्रमुख को स्वीकार नहीं था। इसलिए वे कहते थे, यह आपका ऐसा बदहाल लोकतंत्र है। ये ऐसा। ये मुझे स्वीकार नहीं है।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराई, राजस्थान में गिराने का प्रयास हुआ लेकिन सफल नहीं हुआ इस पर ठाकरे ने कहा कि,'वहां कदाचित कोरोना की महामारी गंभीर नहीं होगी अथवा कोरोना की महामारी पहुंची नहीं होगी। क्योंकि यहां के कोरोना की अवस्था के बारे में गृह मंत्री के पास अथवा दिल्ली जाकर विपक्ष के नेता ने शिकायत की है। जबकि यह जो महामारी दुनियाभर में फैली है, वह केवल महाराष्ट्र में ही होगी मध्यप्रदेश में नहीं होगी, राजस्थान में नहीं होगी।