नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की कार्यवाही पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि चाहे गोली मारो या जेल भेज दो लेकिन वह डरने वालों में से नहीं है। 2 साल से चुप बैठाने की कोशिश है, चुप बैठा क्या? जिसको फुदकना है, नाचना है नाचने दो। आगे पता चलेगा कि सच क्या है और झूठ क्या है|
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि,''क्या मैं विजय माल्या, मेहुल चोकसी, नीरव मोदी या अंबानी-अदानी हूं? चाहे हमारी प्रोपर्टी जब्त हो, गोली मारो या जेल भेजो हम नहीं डरेंगे। 2 साल से चुप बैठाने की कोशिश है, चुप बैठा क्या? जिसको फुदकना है, नाचना है नाचने दो। आगे पता चलेगा कि सच क्या है और झूठ क्या है|
राउत ने कहा, संपत्ति का मतलब भी जानते हैं। मैं जिस घर में रहता हूं, एक छोटा सा घर है। अलीबाग में एक एकड़ भी जमीन नहीं है। वह सब हमारी मेहनत की कमाई का है। ये सब कुछ राजकीय बदले की भावना से हो रहा है। इस बारे में मैंने राज्यसभा चेयरमैन को पहले ही बता दिया था कि महाराष्ट्र की सरकार गिराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है वरना केंद्रीय एजेंसी जांच का सामना करना पड़ेगा।'
आपको बता दें कि कुछ समय पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को एक पत्र लिखा था, जिसमें दावा किया गया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 1,034 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले की जांच कर रहा है, वह और उनके रिश्तेदार, दोस्त और उनकी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। संजय राउत ने आरोप लगाया था कि ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को गिराने के लिए 'गलत मंशा' से किया जा रहा है।
ED की कार्यवाही
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 1,034 करोड़ रुपए के पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में आज (मंगलवार) शिवसेना (Shiv sena) के नेता संजय राउत (Sanjay Raut) की संपत्ति कुर्क की। मिली जानकारी के अनुसार इस कार्रवाई के तहत जांच एजेंसी ने संजय राउत के अलीबाग प्लॉट और दादर में एक फ्लैट को कुर्क किया है।
'हम डरने वालों में से नहीं हैं'
ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि क्या मैं विजय माल्या, मेहुल चोकसी, नीरव मोदी या अंबानी-अदानी हूं? चाहे हमारी प्रोपर्टी जब्त हो, गोली मारो या जेल भेजो हम नहीं डरेंगे। 2 साल से चुप बैठाने की कोशिश है, चुप बैठा क्या? जिसको फुदकना है, नाचना है नाचने दो। आगे पता चलेगा कि सच क्या है और झूठ क्या है।
राकांपा ने भाजपा पर साधा निशाना
ईडी द्वारा शिवसेना नेता संजय राउत की संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई को लेकर राकांपा ने मंगलवार को भाजपा पर निशाना साधा है। महाराष्ट्र राकांपा के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने इस कार्रवाई को बदले की राजनीति करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा महाराष्ट्र में एमवीए नेताओं की आवाज दबाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
महाराष्ट्र राकांपा के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा कि एनडीए घटक 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में सरकार नहीं बना सका था। इसी को लेकर भाजपा महा विकास अघाड़ी नेताओं को निशाना बना रही है।
तापसे ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के समय पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जैसे ही महाराष्ट्र सरकार ने राउत द्वारा जांच एजेंसी के कुछ अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए जबरन वसूली के आरोप की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। तुरंत ही ईडी ने उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की।
गौरतलब है कि 2019 विधानसभा चुनाव के बाद जब शिवसेना ने मुख्यमंत्री के कार्यकाल को साझा करने को लेकर सहमति न बनने पर लंबे समय से सहयोगी रही भाजपा से नाता तोड़ लिया था। इसके बाद शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने 2019 के अंत में एमवीए का गठन किया था।
जानें क्या है मामला?
2007 में, एचडीआईएल (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) की सहायक कंपनी गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन को MHADA (महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) द्वारा पात्रा चॉल के पुनर्विकास के लिए कॉन्ट्रैक्ट मिला था। गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल के 672 किराएदारों के लिए फ्लैट तैयार करना था और करीब 3000 फ्लैट म्हाडा को सौंपने थे। कुल भूमि 47 एकड़ थी।
म्हाडा और पात्रा चॉल के किरायेदारों को फ्लैट सौंपने के बाद, गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन को शेष भूमि को बिक्री और विकास के लिए अनुमति देनी थी। लेकिन गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन ने म्हाडा को दिए जाने वाले पात्रा चॉल या किसी अन्य फ्लैट का विकास नहीं किया,बल्कि उसने करीब आठ अन्य बिल्डरों को 1,034 करोड़ रुपये में जमीन बेच दी। प्रवीण राउत, जिन्हें अब ईडी ने गिरफ्तार किया है, एचडीआईएल के सारंग और राकेश वधावन के साथ फर्म के निदेशकों में से एक थे, जो पीएमसी बैंक घोटाला मामले में मुख्य आरोपी हैं।
मार्च 2018 में, म्हाडा ने गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। प्रवीण राउत को ईओडब्ल्यू ने फरवरी 2020 में गिरफ्तार किया था, जबकि सारंग वधावन को उसी साल सितंबर में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया था। बाद में प्रवीण राउत को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
संजय राउत से क्या संबंध है?
ईडी ने मामले में ईसीआईआर दर्ज की और 1 फरवरी को एजेंसी ने प्रवीण राउत और उनके सहयोगी सुजीत पाटकर के आवास कार्यालयों सहित लगभग सात स्थानों पर तलाशी ली। 2 फरवरी को प्रवीण राउत को गिरफ्तार किया गया था, जबकि ईडी ने पाटकर का बयान दर्ज किया था। प्रवीण राउत शिवसेना नेता संजय राउत के दोस्त हैं और उनका नाम भी पीएमसी बैंक घोटाला मामले में जांच के दौरान सामने आया था। पता चला कि प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा को 55 लाख रुपये का ब्याज मुक्त कर्ज दिया था, जिसका इस्तेमाल राउत परिवार ने दादर में एक फ्लैट खरीदने के लिए किया था। इसे लेकर ईडी ने वर्षा और माधुरी राउत के बयान दर्ज किए थे।