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23 अगस्त 2026

नीमच मंडी में प्याज किसानों की बदहाली: प्याज का दाम लगा 1 रुपए 10 पैसे किलो

नीमच मंडी में प्याज के दाम 1 रुपये किलो, किसान बोले: घर ले जाकर पशुओं को खिला देंगे नीमच, मध्यप्रदेश।राज्य की प्रमुख कृषि उपज मंडी नीमच में इन दिनों प्याज किसानों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। प्याज…

नीमच मंडी में प्याज किसानों की बदहाली: प्याज का दाम लगा 1 रुपए 10 पैसे किलो
नीमच मंडी में प्याज किसानों की बदहाली: प्याज का दाम लगा 1 रुपए 10 पैसे किलो | फ़ोटो: TVL News

नीमच मंडी में प्याज के दाम 1 रुपये किलो, किसान बोले: घर ले जाकर पशुओं को खिला देंगे

नीमच, मध्यप्रदेश।
राज्य की प्रमुख कृषि उपज मंडी नीमच में इन दिनों प्याज किसानों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। प्याज की कीमतों में भारी गिरावट ने किसानों की कमर तोड़ दी है। हालात यह हैं कि प्याज की बोली सिर्फ 1 से 1.10 रुपये प्रति किलो तक लग रही है, जिससे किसान लागत का एक चौथाई भी नहीं निकाल पा रहे हैं।

फसल अच्छी, कीमत औंधे मुंह गिरी

इस बार प्याज की फसल अच्छी हुई है, लेकिन बाज़ार में डिमांड की कमी और सरकार की उपेक्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। मंडी में प्याज के ढेर लगे हैं, लेकिन खरीदार नहीं के बराबर हैं।

30 क्विंटल प्याज, कीमत सिर्फ ₹3,300

किसान रामेश्वर लाल धाकड़ और गिरधारी लाल धाकड़ जैसे कई किसानों ने बताया कि वे ट्रैक्टर में 30 क्विंटल प्याज मंडी लेकर आए, लेकिन उन्हें सिर्फ 1.10 रुपये प्रति किलो का रेट मिला। यानी कुल ₹3,300 की आमदनी, जबकि ट्रैक्टर से आने-जाने में ही ₹7,000 का खर्च हो गया।

    “इस दाम पर बेचने से अच्छा है प्याज घर ले जाकर पशुओं को खिला दें,” – गिरधारी लाल धाकड़

बोली रद्द, किसान लौटे निराश

कई किसानों ने इस कीमत पर प्याज बेचने से इंकार कर दिया और बोली रद्द कर प्याज वापस ले गए। कुछ किसान इतना निराश हैं कि अब वे मंडी में प्याज फेंकने या सड़कों पर फेंकने का मन बना रहे हैं, जिससे शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके।

सरकार से राहत की मांग

किसानों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो वे प्याज की खेती बंद कर देंगे। वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि:

    न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया जाए

    सब्सिडी या मुआवजा योजना तुरंत लागू हो

    बाजार हस्तक्षेप योजना (Market Intervention Scheme) के तहत प्याज की खरीद शुरू की जाए

राजनीतिक हलचल की संभावना

यह मुद्दा आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक गर्मी ला सकता है, क्योंकि किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। अगर सरकार ने जल्द राहत नहीं दी, तो यह मामला किसान आंदोलन का रूप ले सकता है।

tvlnews

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यह रिपोर्ट 30 मई 2025 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 23 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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