नई दिल्ली:अपने पिता व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के खिलाफ CBI द्वारा भ्रष्टाचार का मामला फिर से खोलने पर राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है| उन्होंने कहा, लालू यादव का जीवन एक खुली किताब की तरह है| केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में जांच की थी लेकिन कुछ नहीं मिला था। अब इसे दोबारा खोल दिया गया है।
बता दें कि,केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक पुराने मामले को फिर से खोल दिया है। सीबीआई ने वर्ष 2018 में एक रेलवे परियोजनाओं के आवंटन में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था, जिसे वर्ष 2021 में बंद कर दिया गया था। बता दें कि ये मामला बिहार में बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) और राष्ट्रीय जनता दल गठबंधन के कुछ माह बाद सामने आया है।
लालू यादव के खिलाफ CBI द्वारा भ्रष्टाचार का मामला फिर से खोलने पर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, “CBI ने पहले भी इसकी जांच की थी और कुछ नहीं मिला था। अब इसे दोबारा खोल दिया गया है। लालू यादव का जीवन एक खुली किताब की तरह है|” उन्होंने कहा,“हमने तो CBI को पहले भी कहा था कि अगर हमारे घर पर कार्यालय खोलना है तो वो खोल सकती हैं और जांच कर सकती हैं|”
बता दें कि,ये मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव यूपीए सरकार में 2004 से 2009 तक रेल मंत्री थे। सीबीआई का आरोप यह है कि रियल एस्टेट प्रमुख डीएलएफ ने मुंबई के बांद्रा में एक रेल भूमि पट्टा परियोजना और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के उन्नयन के लिए रिश्वत के रूप में दक्षिण दिल्ली के एक महंगे इलाके में एक संपत्ति को लालू प्रसाद यादव को स्थानांतरित कर दिया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोप है कि संपत्ति को डीएलएफ की ओर से वित्तपोषित शेल कंपनी द्वारा 5 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। शेल कंपनी को तब तेजस्वी यादव और लालू यादव के अन्य रिश्तेदारों ने शेयर हस्तांतरण द्वारा मात्र 4 लाख रुपये में खरीदा था, जिससे उन्हें दक्षिण दिल्ली के बंगले का मालिकाना हक मिला था।
सीबीआई ने 2018 में लालू यादव के खिलाफ रेलवे प्रोजेक्ट आवंटन मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद शुरू किया था। आरोप था कि लालू ने यह गड़बड़ियां यूपीए सरकार में रेलवे मंत्री रहने के दौरान की थीं। इस मामले में सीबीआई ने मई 2021 में जांच बंद कर दी थी। रिपोर्ट्स में सामने आया था कि सीबीआई को लालू के खिलाफ आरोपों पर पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। इस मामले में लालू के अलावा उनके बेटे और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और उनकी बेटी चंदा यादव के खिलाफ भी जांच बिठाई गई थी।