पटना: कृषि कानून पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि,''प्रधानमंत्री जी ने 3 काले कानूनों के बारे में कहा कि कुछ राजनीतिक दल दलालों के पक्ष में बात कर रहे हैं। ये बिल किसानों के लिए नहीं बल्कि पूँजीपतियों के लिए है। यह बिल आम उपभोक्ताओं के खिलाफ है, किसान विरोधी है। ये किसान विरोधी ही नहीं आम उपभोक्ता विरोधी भी हैं।
पटना में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी आपकी सरकार ही दलालों की सरकार है, आप विपक्ष पर आरोप मत लगाइए। ये पूंजीपतियों के लिए बनी सरकार है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन आपने नहीं बनाए लेकिन आप उन्हें बेचने का काम जरूर कर रहे हैं| उन्होंने कहा कि,''यह सरकार कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के माध्यम से किसानों की सारी जमीन हड़प लेना चाहती है, जिससे किसान अपने ही खेत में मजदूर बनकर रह जाएगा|
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि,''सरकारें तभी कार्यवाही कर सकती है जब देश में युद्ध की स्थिति हो, अकाल की स्थिति हो और तीसरा जब रेट में 100% की वृद्धि हो जाए यानि 99.99% वृद्धि तक राज्य सरकारें या केंद्र सरकार कुछ नहीं करेगी। जब 100% से ऊपर हो जाए तब कार्यवाही कर सकेगी|
भूपेश बघेल ने कहा कि,'इन क़ानूनों को लेकर मैं फिर से बताना चाहता हूँ कि जो कानून इन्होंने बनाए, दरअसल यह सब शांता कुमार की रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। जिसमें कहा गया कि जो राज्य अनाज पर बोनस दे उसके यहाँ से FCI अनाज नहीं खरीदेगी और इसका जीता-जागता उदाहरण है 'छत्तीसगढ़'|
मुख्यमंत्री ने कहा कि,''यह सरकार कहती है कि FCI की भूमिका सीमित कर देनी चाहिए, MSP बंद कर देनी चाहिए, PDS सिस्टम (जिससे गरीब को राशन मिलता है) को बंद कर देना चाहिए। ये सारी व्यवस्थाएं केवल पूँजीपतियों को लाभ देने के लिए की जा रही हैं|जब यूपीए सरकार थी और मनमोहन सिंह जी पीएम थे, तब केंद्र सरकार धान पर बोनस देती थी और अब वे बोनस देने वालों को रोकने के लिए काम कर रहे हैं|
मुख्यमंत्री ने कहा कि,''जो कानून(कृषि कानून) लाए गए हैं वो पूंजीपतियों को लाभ देने और किसानों को लूटने के लाए गए हैं। इसका एक उदाहरण प्याज की कीमत है जो तीन महीने पहले 40 रुपये थी वो आज 85 रुपये तक है|अभी पंजाब में कानून के विरोध में बिल लाया गया है और छत्तीसगढ़ में भी हमारी सरकार बिल लाने वाली है और राजस्थान में भी| इन दिनों प्याज की कीमत देश में 70 से 83 रुपये है, जो तीन महीने पहले 30 से 40 रुपये में बेची जाती थी। यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि ये कानून पूंजीपतियों के लिए बनाए गए हैं और इसके प्रभाव पहले से ही दिखाई दे रहे हैं|
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि,''लॉकडाउन में लाखों लोग सड़कों पर थे, अकेले बिहार में 30 लाख से अधिक लोग वापस आए। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कहते रहे कि हम रोजगार देंगे किसी को बाहर जाने की जरूरत नहीं है, लेकिन बिहार वापस आए सभी लोग फिर से पंजाब जाने को बाध्य हो गए| 'वे लगातार लोगों, बेरोजगारों, महिलाओं, युवाओं, व्यापारियों को धोखा दे रहे हैं और जब कुछ नहीं बचा है, तो वे अपने गठबंधन में लोगों को धोखा दे रहे हैं|
भूपेश बघेल ने कहा कि,''यदि NDA का गठबंधन है तो NDA से चिराग को बाहर क्यों नहीं किया गया? कल प्रधानमंत्री जी ने एक भी शब्द उनके बारे में क्यों नहीं कहा? अपने ही साथी को ठगने का काम ये लोग कर रहे हैं। ये गठबंधन नहीं ठगबंधन है| बिहार के लोग इन चीजों को बहुत करीब से देख रहे हैं। बिहार के लोग हमेशा राजनीतिक भाग्य और दिशा तय करते हैं। मोदी जी के धोखे से वे मूर्ख नहीं बनेंगे|
मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से यह सरकार लोगों को धोखा दे रही है। नोटबंदी, जीएसटी और यहां तक कि तालाबंदी के नाम पर भी लोगों को धोखा दिया गया है|यह सरकार सब कुछ धीरे-धीरे खत्म कर रही है और अब उनकी नजर किसानों और गरीबों की जमीन पर है। वे 70 के दशक में गरीबों और भूमिहीन लोगों को कांग्रेस और इंदिरा जी द्वारा दी गई जमीन पर नजर गड़ाए हुए हैं|