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26 अगस्त 2026

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे बिहार के शिक्षा मंत्री मेवा लाल चौधरी ने दिया इस्तीफा

पटना: भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे बिहार के शिक्षा मंत्री मेवा लाल चौधरी ने इस्तीफा दिया| मेवालाल चौधरी ने शपथ लेने के तीन दिनों के भीतर ही गुरुवार को इस्तीफा दे दिया है| भ्रष्टाचार के आरोपों पर मेवा…

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे बिहार के शिक्षा मंत्री मेवा लाल चौधरी ने दिया इस्तीफा
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे बिहार के शिक्षा मंत्री मेवा लाल चौधरी ने दिया इस्तीफा | फ़ोटो: TVL News

पटना: भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे बिहार के शिक्षा मंत्री मेवा लाल चौधरी ने इस्तीफा दिया| मेवालाल चौधरी ने शपथ लेने के तीन दिनों के भीतर ही गुरुवार को इस्तीफा दे दिया है| भ्रष्टाचार के आरोपों पर मेवा लाल चौधरी के इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी को अब शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।



शिक्षा मंत्री बनाए जाने के बाद मेवालाल चौधरी लगातार विपक्ष के निशाने पर ही रहे है| इस्तीफा देने से पहले आज ही मेवालाल चौधरी ने कहा था कि,''आरोप तभी साबित होता है जब चार्जशीट दायर की जाती है या अदालत आदेश देती है और उन दोनों में से कोई भी मेरे खिलाफ आरोप साबित करने के लिए नहीं है|




भ्रष्टाचार के आरोपों पर मेवा लाल चौधरी ने कहा था कि,''कोई भी केस तब साबित होता है जब आपके खिलाफ़ कोई चार्जशीट हुई हो या कोर्ट ने कुछ फैसला किया हो। न हमारे खिलाफ अभी कोई चार्जशीट हुई है न ही हमारे ऊपर कोई आरोप दर्ज़ हुआ है|





बता दें कि मेवालाल चौधरी को शिक्षामंत्री बनाए जाते ही नीतीश कुमार की नई सरकार पर सवाल उठने लगे थे|राष्ट्रीय जनता दल ने इसे लेकर खूब बवाल मचाया था| तेजस्वी यादव ने आज ही (गुरुवार को) ट्वीट कर कहा था कि,''मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हत्या और भ्रष्टाचार के अनेक मामलों में IPC की 409, 420, 467, 468, 471 और 120B धारा के तहत आरोपी मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाने से बिहारवासियों को क्या शिक्षा मिलती है?



तेजस्वी यादव ने कहा था कि,''आदरणीय @NitishKumar जी, श्री मेवालाल जी के केस में तेजस्वी को सार्वजनिक रूप से सफाई देनी चाहिए कि नहीं? अगर आप चाहे तो श्री मेवालाल के संबंध में आपके सामने मैं सबूत सहित सफाई ही नहीं बल्कि गाँधी जी के सात सिद्धांतों के साथ विस्तृत विमर्श भी कर सकता हूँ। आपके जवाब का इंतज़ार है।




दरअसल, मेवालाल पर भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय का कुलपति रहते हुए सहायक प्रोफेसर और कनिष्ठ वैज्ञानिक के पदों पर नियुक्तियों में हुए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े आरोप लगे हैं|यहां तक कि चौधरी को 2017 में जेडीयू से निलंबित कर दिया गया था, लेकिन बाद में फिर से शामिल कर लिया गया| दिलचस्प बात यह है कि उस समय बीजेपी ने विपक्ष में रहते हुए चौधरी की गिरफ्तारी की मांग की थी| राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उस वक्त बिहार राज्यपाल हुआ करते थे| 




भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद उस समय के बिहार के राज्यपाल रहे रामनाथ कोविंद ने मेवालाल चौधरी के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे और जांच में उनके ऊपर लगे आरोप सही पाए गए थे। उन्होंने मेवालाल चौधरी के खिलाफ आपराधिक मामला दायर करने की मंजूरी दी थी, वैसे अभी तक मेवालाल के खिलाफ चार्जशीट दर्ज नहीं की गई है|








tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 19 नवंबर 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 25 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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