पटना: बिहार के गोपालगंज में 264 करोड़ की लागत से बना सत्तरघाट महासेतु बुधवार को पानी के दबाव से ध्वस्त हो गया|एक महीने पहले ही सत्तरघाट महासेतु का उद्धाटन हुआ था और 264 करोड़ की लागत पानी में बह गई|गोपालगंज में कल पानी के तेज बहाव के चलते एक महीने पहले जिस पुल का उद्घाटन हुआ था उसका एक हिस्सा बह गया। एक स्थानीय ने बताया-"इससे मुजफ्फरपुर, मोतिहारी जाने का लिंक टूट गया है।
गोपालगंज में पुल ढहने पर आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है|तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह करार दिया है| तेजस्वी ने कहा कि बिहार में चारों तरफ लूट ही लूट मची है।
तेजस्वी ने कहा कि 263 करोड़ से 8 साल में बना लेकिन मात्र 29 दिन में ढ़ह गया पुल। संगठित भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह नीतीश जी इस पर एक शब्द भी नहीं बोलेंगे और ना ही साइकिल से रेंज रोवर की सवारी कराने वाले भ्रष्टाचारी सहपाठी पथ निर्माण मंत्री को बर्खास्त करेंगे। बिहार में चारों तरफ लूट ही लूट मची है।
आरजेडी नेता ने कहा कि 8 साल में बनकर तैयार हुआ सत्तर घाट पुल उद्घाटन के 29दिन बाद ध्वस्त हो गया, इस पर 264करोड़ का खर्च आया था। क्या मुख्यमंत्री ने अपनी वाह-वाही के लिए समय से पहले पुल का उद्घाटन किया। हमारी मांग है कि बिहार सरकार पुल बनाने वाली वशिष्टा कंपनी को तुरंत ब्लैकलिस्ट करे|
इससे पहले तेजस्वी यादव ने कहा,''8 वर्ष में 263.47 करोड़ की लागत से निर्मित गोपालगंज के सत्तर घाट पुल का 16 जून को नीतीश जी ने उद्घाटन किया था आज 29 दिन बाद यह पुल ध्वस्त हो गया। ख़बरदार!अगर किसी ने इसे नीतीश जी का भ्रष्टाचार कहा तो?263 करोड़ तो सुशासनी मुँह दिखाई है।इतने की तो इनके चूहे शराब पी जाते है