पटना: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा बिहार CM नीतीश कुमार को पत्र लिखकर NMCH अधीक्षक प्रोफेसर डॉ बिनोद कुमार सिंह का निलंबन रद्द करने की मांग पर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा,''जिस डॉक्टर को ये नहीं पता कि डेंगू वार्ड कहां है उसका पक्ष आप कैसे ले सकते हैं। हम जनता के लिए हैं, जनता के लिए काम करेंगे|
दरअसल, बिहार के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने 13 अक्टूबर को नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NMCH) का दौरा किया , जिसके बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ विनोद कुमार सिंह को काम में लापरवाही और अपने कर्तव्यों का ठीक से निर्वहन न करने के कारण निलंबित कर दिया गया|
इसके बाद IMA ने बिहार CM नीतीश कुमार को पत्र लिखकर NMCH अधीक्षक प्रोफेसर डॉ बिनोद कुमार सिंह का निलंबन रद्द करने की मांग की हैं।
IMA द्वारा डॉ बिनोद कुमार ??िंह का निलंबन रद्द करने की मांग पर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा,''जिस डॉक्टर को ये नहीं पता कि डेंगू वार्ड कहां है उसका पक्ष आप कैसे ले सकते हैं। हम जनता के लिए हैं, जनता के लिए काम करेंगे|
तेजस्वी यादव ने कहा,''अच्छा डॉक्टर वो नहीं जो ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाए, अच्छा डॉक्टर वो होता है तो ज्यादा से ज्यादा जिंदगियां बचाए।
14 अक्टूबर को तेजस्वी यादव ने कहा ने कहा था,' गुरुवार रात (13 अक्टूबर को ) नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित वरीय अधिकारियों के साथ औचक निरीक्षण किया। वहाँ भर्ती मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं का फ़ीड्बैक लिया।
निरीक्षण के दौरान डेंगू वार्ड में सामान्य मरीज़ भी भर्ती पाए गए। दूसरे वार्डों में मरीज़ों और उनके attendants से खुलकर वार्ता की और कमियों को जाना। साफ-सफाई के फ़्रंट पर सुधार हुआ है लेकिन दवाओं की उपलब्धता होने के बावजूद भी मरीज़ों को दवा नहीं मिलना, बाहर से दवा लाना एवं डॉक्टर-नर्स का गैर-गंभीर व्यवहार एवं चिकित्सा लापरवाही की शिकायत मिली। जिसमें सुधार की गुंजाइश है।
तेजस्वी यादव ने कहा ने कहा था,' गहमने स्वास्थ्य विभाग की समस्याओं को चुनौती के रूप में लिया है। और निरंतर इसमें सुधार करने की ओर अग्रसर है। इससे पूर्व 5 वर्ष तक लगातार स्वास्थ्य विभाग के मंत्री कभी अस्पतालों का दौरा नहीं करते थे। किसी भी स्वास्थ्य सुविधा और सेवा का जायज़ा नहीं लेते थे। धरातल पर जाकर रोगियों से नहीं मिलते थे।
यादव ने कहा ने कहा,''अगर मुझे ज़मीनी सच्चाई और कमियों का ही नहीं पता होगा तो उन्हें दूर कैसे करूँगा? इसलिए मैं स्वयं धरातल पर जाकर रियल टाइम में निरीक्षण कर, मरीज़ों से मिल ख़ामियों को दूर करने की ईमानदार कोशिश कर रहा हूँ और इसमें हमें अवश्य ही सफ़लता मिलेगी।