ममता कुलकर्णी को अब यामिनी ममता नंद गिरि के नाम से जाना जाएगा।
जूना अखाड़े की आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ममता कुलकर्णी को दीक्षा दी। अभिनेत्री महाकुंभ में किन्नर अखाड़े में रह रही हैं।
अभिनेत्री सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं।
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पहुंचीं अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने संन्यास की दीक्षा ले ली है।
अभिनेत्री को नया नाम दे दिया गया है। दीक्षा लेने के बाद ममता कुलकर्णी ने भगवा वस्त्र धारण कर लिया है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में ममता कुलकर्णी किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनीं हैं।
इसके पहले उन्हें संगम में अपना पिंडदान किया। फिर अखाड़े में ही उनका पट्टाभिषेक हुआ। ममता ने काफी पहले संन्यास ले लिया था। वो साध्वी की जिंदगी जी रही थीं। हाल ही में वो 24 साल बाद भारत लौटी हैं।
किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण ने क्या कहा?
किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण कहती हैं,
"किन्नर अखाड़ा ममता कुलकर्णी (पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री) को महामंडलेश्वर बनाने जा रहा है। उनका नाम श्री यामिनी ममता नंदगिरी रखा गया है। जब मैं यहां बात कर रही हूं, तब सभी अनुष्ठान चल रहे हैं।
वह पिछले डेढ़ साल से किन्नर अखाड़े और मेरे संपर्क में हैं... अगर वह चाहें तो किसी भी धार्मिक पात्र का किरदार निभा सकती हैं, क्योंकि हम किसी को भी अपनी कला दिखाने से नहीं रोकते...