प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब पीने से हो रही मौतें रुकने का नाम नहीं ले रही है। अब प्रयागराज में जहरीली शराब पीने से 6 लोगों की मौत हो गई है,जबकि 15 लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं| इससे पहले लखनऊ, मथुरा और फिरोजाबाद में जहरीली शराब से कई लोगों की मौतें हो चुकी हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है| उत्तर प्रदेश सरकार ने नकली शराब बनाने के मामलों में दोषी पाए गए लोगों की संपत्ति को कुर्क करने का फैसला किया|
शुक्रवार को प्रयागराज जिले के फूलपुर के अमिलिया गांव में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो गई। जबकि 15 लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं| सभी बीमारों को नजदीकी स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है|यह घटना जिले के फूलपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में हुई है| प्रशासन ने शराब के ठेके को सील कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है|
बताया जा रहा है कि इन लोगों ने देशी शराब के सरकारी ठेके से शराब खरीदी थी। जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शराब के ठेके के बाहर जाम लगाकर हंगामा किया। घटना की जानकारी मिलते ही कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीएम, डीआईजी, जिला आबकारी अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने गांव में घोषणा कराई कि अगर कोई बीमार है तो उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाए। आरोपी शराब ठेकेदार की तलाश में छापेमारी कर एक सेल्समैन को रात में पकड़ लिया गया है। डीएम ने रात में भी सभी शवों के पोस्टमार्टम का आदेश दिया है।
प्रयागराज के जिलाधिकारी भानु चंद्न गोस्वामी ने शुक्रवार देर रात बताया कि ,''अवैध शराब के सेवन से होने वाली मौतों की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों की टीम फूलपुर पुलिस थाना सीमा के तहत अमिलिया गांव पहुंची। शुरुआत में हमें 4 मौतों के बारे में सूचित किया गया है, और 5-6 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। जांच जारी है|
फूलपुर क्षेत्र के अमिलिया में संगीता देवी के नाम से देशी शराब का ठेका है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार शाम को अरवासी गांव के पान विक्रेता रामजी मौर्य और बसंत लाल ने ठेके से शराब लेकर पी थी। शाम को ही दोनों की हालत बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रामजी मौर्य की मौत हो गई। परिजनों ने रात में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं शुक्रवार सुबह बसंत लाल ने भी दम तोड़ दिया।
इधर अमिलिया गांव के शंभूनाथ, राजबहादुर और प्यारेलाल की हालत बिगड़ने लगी। शाम को राजबहादुर व प्रभुनाथ को उनके परिजन सीएचसी फूलपुर लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बसंतलाल और प्यारेलाल की शुक्रवार शाम घर पर ही मौत हो गई। वहीं रात में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी राजेश गौड़ की मौत हो गई। इसके अलावा अमिलिया के प्रभुनाथ, कोनार गांव के ताराचंद और खनसार गांव के जगदीश यादव की हालत नाजुक बनी हुई है। फिलहाल पुलिस-प्रशासन ने चार मौतों की ही पुष्टि की है।