देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। BBC की पूर्व पत्रकार सूर्यांशी पांडे ने हाल ही में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनके साथ हुई एक घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
सूर्यांशी ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि यह घटना रात करीब 10:30 बजे की है, जब वह लाजपत नगर मार्केट से संत नगर लौट रही थीं। तभी कुछ लड़कों ने कार में उनके साथ बदसलूकी करने की कोशिश की। सूर्यांशी ने लिखा, "दिल्ली बिल्कुल भी सेफ नहीं है। मेरे कपड़े देखो, मेरे साथ जो हुआ, मैं बता नहीं सकती।"
उन्होंने आगे कहा कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में किसी लड़की के साथ ऐसा हुआ हो। कभी भद्दे कमेंट्स, कभी अश्लील बातें, तो कभी गलत नजरों से घूरा जाना—यह सब आम हो गया है। सवाल यह उठता है कि अगर देश की राजधानी में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो वे जाएं कहां?
क्या दिल्ली महिलाओं के लिए असुरक्षित शहर बन चुका है?
दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है, लेकिन ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया है। महिलाओं को आज भी डर के माहौल में जीना पड़ रहा है। क्या अब लड़कियों को शाम 7 बजे के बाद घर से बाहर निकलना बंद कर देना चाहिए? या फिर समाज को अपनी सोच बदलने की जरूरत है?
यह घटना राजधानी में महिला सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है—आखिर कब बदलेगा यह माहौल?