जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान विधानसभा में बजट 2023-24 पेश किया। राजस्थान में बीपीएल और उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले 76 लाख परिवारों को 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर मिलेगा | विधानसभा में बजट 2023-24 पेश करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 76 लाख उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर 500 रूपये में मुहैया कराने की घोषणा की है।
विधानसभा में बजट 2023-24 पेश करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घरेलू उपभोक्ताओं को अब 100 यूनिट बिजली प्रति माह मुफ्त दी जाएगी, पहले अधिकतम सीमा 50 यूनिट थी। साथ ही उन्होंने कहा कि अब स्टूडेंट्स से बार-बार शुल्क नहीं वसूला जाएगा, तीन प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए बस एक बार पंजीकरण कराना होगा। साथ ही चार चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रति परिवार बीमा कवर को 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 25 लाख रूपये करने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीपीएल एवं उज्ज्वला योजना में शामिल निम्न आय वर्ग के लगभग 76 लाख परिवारों को एलपीजी गैस 500 रुपए में उपलब्ध कराने की घोषणा की। इस पर 1,500 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, “कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में लाखों रुपए लग जाते हैं लेकिन जान बच जाती है। भाजपा चाहती है कि सिर्फ अमीर आदमी अपना इलाज करा सके। हमनें आज राजस्थान में सभी को 25 लाख रु का चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा देने का एलान किया है। यह भी भाजपा को बुरा लग रहा है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोगों को महंगाई से राहत दिलाने के लिए 19,000 करोड़ रुपये का महंगाई राहत पैकेज देने की घोषणा की है। इस पैकेज में गरीब परिवारों को हर माह नि:शुल्क फूड पैकेट देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में आने वाले लगभग एक करोड़ परिवारों को आगामी वर्ष नि:शुल्क राशन के साथ प्रति माह नि:शुल्क मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट दिए जाने की घोषणा करता हूं। इस पैकेट में एक-एक किलोग्राम दाल, चीनी एवं नमक और एक लीटर खाद्य तेल उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा,'घरेलू उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री नि:शुल्क योजना के तहत 100 यूनिट बिजली प्रति माह मुफ्त दी जाएगी। यह सीमा पहले 50 यूनिट थी। इससे प्रदेश के 1.19 करोड़ में से 1.04 करोड़ से अधिक परिवारों को घरेलू बिजली नि:शुल्क मिल सकेगी। इसके लिए 7,000 करोड़ रुपये का भार वहन करना होगा। गहलोत ने कहा,'चरणबद्ध तरीके से 300 यूनिट प्रति माह उपभोग करने वाले घरेलू उपयोक्ताओं को नि:शुल्क बिजली उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है। हम डीजल एवं पेट्रोल पर लागू वैट (मूल्य संवर्धित कर) को कम कर लगभग 7,500 करोड़ रुपए की छूट को आगे भी जारी रखेंगे।