संतकबीरनगर: संत कबीर नगर जिले में पेंशन के एरियर के भुगतान के लिए रिश्वत मांगने वाले ट्रेजरी के सहायक लेखाकार अवधेश मिश्रा को एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को रंगेहाथ दबोचा है। कलेक्ट्रेट के ट्रेजरी ऑफिस में तैनात बाबू अवधेश कुमार मिश्रा को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी के पास से दो हजार रुपये के दस नोट मिले हैं। आरोपी को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, धनघटा थाना क्षेत्र के ग्राम खाजो पोस्ट तामा निवासी रजनीश राय के पिता जीत बहादुर राय असम पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2014 में उनकी मृत्यु हो गई। ग्राम खाजो पोस्ट तामा निवासी शिकायतकर्ता रजनीश राय ने बताया कि हमारे पिता असम पुलिस विभाग में तैनात थे। उनकी मृत्यु हो जाने के बाद मेरी माता जी का पेंशन था, जिसका एरियर 2006 से अब तक 1 लाख 24 हजार 500 रुपया बना हुआ था। जिसको लेकर महीनों से ट्रेजरी ऑफिस का चक्कर लगा रहे थे।
यहां पर तैनात सहायक लेखाकार ने एरियर भुगतान के नाम पर हम से 20,000 की मांग की थी। इस रजनीश राय ने इसकी शिकायत गोरखपुर एंटी करप्शन टीम से किया था। मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने सहायक लेखाकार अवधेश कुमार मिश्र को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी चंद्रेश कुमार यादव के नेतृत्व में भ्रष्ट बाबू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में जुटी है।
एंटी करप्शन गोरखपुर की टीम के प्रभारी निरीक्षक चंद्रेश यादव ने बताया कि खाजों गांव निवासी रजनीश राय की शिकायत की प्रारंभिक जांच निरीक्षक यूपी सिंह से कराई गई। डीएम से मांग करने पर सरकारी गवाह के रूप में कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव और वाणिज्यिक कर अधिकारी अनिल त्रिपाठी को नामित किया गया। सरकारी गवाह के साथ एंटी करप्शन की टीम ट्रेजरी कार्यालय पहुंची, जहां शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये घूस लेते सहायक लेखाकार को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। कोतवाल विजय नारायन प्रसाद ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।