जिला अभिभावक वेलफेयर एसोसिएशन की एक बैठक टाउन हॉल स्थित एक होटल में हुई। जिसमे स्कूल संचालक जसमीत साहनी द्वारा अभिभावकों की परेशानियों को देखते हुए चलाई जा रही मुहिम के लिए उनको सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राम जी अवस्थी एड ने कहा कि स्कूलों द्वारा अभिभावकों का शोषण करते हुए तीन माह की फीस ली जाती है जबकि किसी भी अभिभावक को सरकार या प्राइवेट संस्थान द्वारा एक माह की ही सैलरी मिलती है। इसलिए अब स्कूलों द्वारा प्रतिमाह फीस लेने के लिए अभिभावक एसोसिएशन द्वारा कार्यवाही कराई जायेगी।
प्राइवेट स्कूल संचालक डॉ.जसमीत साहनी ने कहा कि आरटीई 25 के तहत प्राइवेट स्कूलों में बच्चो के प्रवे??? इसलिए भी नही हो पाते क्योंकि उनकी किताबों और ड्रेस का खर्च अधिक होता है इसलिए ही मैंने किताबो के मूल्य को निर्धारित करने के लिए मुहिम चलाई है जिसके लिए कानून बनवाने तक लड़ाई जारी रखूंगा। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ मनोज पांडेय ने कहा कि आज के समय मे शिक्षा व्यापार का साधन बन गया है इसलिए ही हम सबको मिलकर शिक्षा के मंदिर को व्यापार नही बनने दिया जायेगा।
जिला महामंत्री अभिषेक मोहन ने कहा कि अभिभावकों द्वारा स्कूलों में बच्चो को अच्छी शिक्षा के लिए भेजा जाता है जबकि स्कूल संचालक उन पर मानसिक रूप से दवाब बनाते हुए फीस की देरी पर एक ब्याज माफिया की तरह जुर्माना लगाते है व किताबो और ड्रेस की खरीद स्कूल से करने के लिए परेशान करते है, जिसको बर्दाश्त नही किया जायेगा।इस अवसर पर सरकारी स्कूल की शिक्षा और हालात को सुधारने के लिए अभिभावक एसोसिएशन ने जमालपुर प्राथमिक स्कूल के प्रधानाचार्य अभिषेक दीक्षित को भी सम्मानित किया।इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद आमिर, प्रवीण गुप्ता, डॉ. प्रदीप अवस्थी, एड संतोष सिंह, कोषाध्यक्ष कमाल फहीम, विवेक गुप्ता, राजीव कमरा, राज किशोर कन्नौजिया, अनिल श्रीवास्तव, आशीष ब्रह्मतव्ज, शिवम कश्यप, पवन गंगवार, अंकुर दीक्षित, हर्षित गुप्ता, नितिन तिवारी, हिमांशु मुद्गल, प्रत्युष, निहाल खान, गौरव, दीपांश वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।