सीएम डैशबोर्ड पर राजस्व कार्या, राजस्व वाद एवं राज्यकर वसूली कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर रैंकिंग निर्धारित करने वाले संचालित कार्यक्रमों, योजनाओ की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। बैठक में जीएम डीआईसी द्वारा अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी_तहसीलदार एवं नायाब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि धारा 80 के वाद 45 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहने चाहिए। उन्होने कहा कि आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र तथा निर्विवाद उत्तराधिकार के आवेदन लंबित न रहे तथा लंबित होने पर संबंधित लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के कोई भी आवेदन लंबित न रहे। आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतें के निस्तारण से पहले संबंधि शिकायतकर्ता से वार्ता अवश्य की जाए।
उन्होंने कहा कि तहसीलों के सभी गांव में रबी डिजिटल सर्वे तत्काल प्रारंभ किया जाए। व्यापार कर वसूली किसी की 10 प्रतिशत से काम नहीं होने चाहिए।
जिलाधिकारी_ने_ई_खसरा, कुर्रा बटवारा, नामांतरण, निर्विवाद उत्तराधिकार, पैमाइश, वसूली प्रमाण पत्र, कर राजस्व की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कर करेत्तर में वाणिज्य कर, खनिज, आबकारी, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, कार्या की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी लक्ष्य के सापेक्ष पूर्ति कराना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविन्द कुमार प्रधान, जिलाधिकारी न्यायिक राशिद अली, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।