शिलांग: मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड सगमा ने मेघालय के राज्यपाल के समक्ष मुख्यमंत्री के रूप में अपना इस्तीफा पत्र प्रस्तुत किया और नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। मेघालय के राज्यपाल फागू चौहान ने मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड सगमा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उनसे वैकल्पिक व्यवस्था होने तक पद पर बने रहने का अनुरोध किया। उधर, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी), कांग्रेस (INC) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी मेघालय में नई सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी है| मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता मुकुल संगमा ने वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट और हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी से राज्य में सरकार बनाने के लिए चर्चा की|
दरअसल, मेघालय चुनाव एनपीपी ने 26 सीटें जीतीं और भाजपा को दो सीटें मिलीं। कांग्रेस और तृणमूल ने 5-5 सीटें जीतीं, जबकि यूडीपी को 11 सीटें, वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी को 4 सीटें, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट और हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी को 2-2 सीटें मिलीं और दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की।
राज्य में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अन्य क्षेत्रीय दलों जैसे यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी, हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और अन्य छोटे दलों के साथ चर्चा चल रही है। अगर एनपीपी और भाजपा को छोड़कर दो निर्दलीय समेत सभी राजनीतिक दल एक साथ आ जाएं तो वह 60 सदस्यीय सदन में जादुई आंकड़ा पार कर सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने कहा, ''जनादेश निर्णायक नहीं था। किसी को भी पूर्ण बहुमत नहीं मिला। इसलिए हम चर्चा कर रहे हैं।
जनादेश बदलाव के लिए: मुकुल संगमा
मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने कहा,''इस बैठक का उद्देश्य ईमानदारी और जिम्मेदारी को पूरी भावना के साथ समझना है। राज्य के लोगों ने किसी भी राजनीतिक दल के लिए कोई निर्णायक जनादेश नहीं दिया है, लेकिन यदि आप इस जनादेश से एक निष्कर्ष निकालते हैं, तो इसका मतलब है कि यह बदलाव के लिए है| इस बैठक में हमने एक साथ आने की आवश्यकता पर चर्चा की है। राज्य फिर से उस तरह के कुशासन और अभूतपूर्व लूट के अधीन नहीं है जिसने राज्य को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है|
संभावित मुख्यमंत्री के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, फिलहाल, हम केवल राज्य के हित के बारे में चिंतित हैं। मेघालय में एनपीपी सरकार के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और लोग इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं देखना चाहते हैं। लिहाजा मुख्यमंत्री और बाकी चीजें बाद में तय की जा सकती हैं।
बता दें, मुकुल संगमा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे| पिछले साल ही मुकुल संगमा कांग्रेस पार्टी के 12 विधायकों के साथ TMC का दामन थाम लिया था| मुकुल संगमा 20 अप्रैल 2010 से 6 मार्च 2018 तक मेघालय के मुख्यमंत्री रहे| पिछले चुनाव 2018 में सत्तारूढ़ कांग्रेस को 21 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। एनपीपी के खाते में 19 सीटें आई थी। वहीं बीजेपी को 2 सीटों पर जीत मिली थी , जबकि यूडीपी को 6 सीटें हासिल हुई थी। यहां अन्य के खाते में 11 आई सीटें थी। गोवा और मणिपुर की तरह यहाँ भी कांग्रेस सरकार बनाने में सफल नहीं हुई थी। बीजेपी की मदद से एनपीपी ने सरकार बना ली थी|