नई दिल्ली: ओलंपिक पदक विजेता एवं मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। लवलीना बोरगोहेन के आरोप पर खेल विभाग, युवा मामले और खेल मंत्रालय ने कहा कि, "हमने भारतीय ओलंपिक संघ से लवलीना बोरगोहेन के कोच की मान्यता की तत्काल व्यवस्था करने का आग्रह किया है।"
मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने कहा कि, आज मैं बड़े दुख के साथ कहती हूं की मेरे साथ बहुत Harassment (उत्पीड़न) हो रही है। हर बार मैं, मेरे कोच जिन्होने मुझे ओलंपिक में मेडल लाने में मदद की, उन्हे बार बार हटा कर सिर्फ ट्रेनिंग प्रोसेस और कॉम्पिटिशन में हमें Harassment करते है। इनमे से एक कोच संध्या गुरुंगजी, द्रोणाचार्य अवार्डी भी है।
मेरे दोनों कोच को कैंप में भी ट्रेनिंग के लिए हजार बार हाथ जोड़ने के बाद बहुत देर से शामिल है किया जाता है। मुझे इसी ट्रेनिंग में बहुत परेशनियां उठान पड़ी है और मानसिक उत्पीड़न तो होती ही है।
अभी मेरे कोच संध्या गुरुंगजी कॉमनवेल्थ विलेज के बहार है उन्हे एंट्री नहीं मिल रही है और मेरा ट्रेनिंग प्रोसेस गेम्स के ठीक 8 दिन पहले रुक गया है। मेरे दूसरे कोच को भी इंडिया वापस भेजा गया है।
मैंने इतने अनुरोध करने के बाद भी ये हुआ है ,इससे मुझे बहुत मानसिक उत्पीड़न हुआ। मुझे समझ में नहीं आ रहा की मैं गेम में कैसे फोकस करें। इसके चलते मेरा पिछली विश्व चैंपियनशिप भी खराब हुआ.. और इस राजनीति के चलते मैं अपना राष्ट्रमंडल खेल (CWG) खराब नहीं करना चाहती हूं। आशा करती हूं की मैं मेरे देश के लिए इस राजनीति को तोड़ कर मेडल ला पाऊ हूं। जय हिंद