महुली थाना क्षेत्र के एक गांव में छह दिन पूर्व विवाहिता महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में मुकदमा दर्ज करने में लापरवाही बरतने पर कालीजगदीशपुर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है, वहीं महुली एसओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता ने बताया कि 13 मई को दिन में 11 बजे वह सामान खरीदने के लिए घर से चौराहे की ओर जा रही थी। रास्ते में एक बाग में मौजूद भोला यादव (सिंदुरिया), विकास यादव, ज्ञानदास यादव, अनिल यादव (मझगांवा) और एक अज्ञात व्यक्ति शराब पी रहे थे। उन्होंने महिला पर अश्लील फब्तियां कसीं और विरोध करने पर जबरन गाड़ी में बैठाकर उसे कोई नशीला पदार्थ पिला दिया जिससे वह बेहोश हो गई।
महिला को नाले के किनारे ले जाकर हाथ-पांव बांध दिए गए और सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोपी उसे मरा समझकर दुपट्टे से बांधकर फरार हो गए। होश में आने के बाद पीड़िता ने इलाज कराया और कालीजगदीशपुर चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन चौकी प्रभारी ने उसे लगातार टालते रहे।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी बस्ती अभिनंदन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। मंगलवार देर शाम चार नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण, हत्या की कोशिश और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। बुधवार को तीन आरोपी - भोला यादव, ज्ञानदास यादव और अनिल यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।