बस्ती/लखनऊ: जिला पंचायत चुनाव 2021 के लिए आज नामांकन का आखिरी दिन है। बस्ती में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा और सपा में सीधी टक्कर के आसार के बीच शनिवार को पूरे दिन सियासी बवाल हुआ। सपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री राम प्रसाद चौधरी के गांधीनगर स्थित आवास से लेकर बस्ती ज़िला पंचायत अध्यक्ष नामांकन के तक बवाल की खबरें आती रही है| उधर हालात देखते हुए पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी के आवास पर भारी मात्रा में पुलिस फोर्स मौजूद है।
बस्ती में सपा नेता राम प्रसाद चौधरी के आवास और ज़िला पंचायत अध्यक्ष नामांकन के दौरान हुई हाथापाई को समाजवादी पार्टी ने घोर निंदनीय बताया है| बस्ती में ज़िला पंचायत अध्यक्ष नामांकन के दौरान हुए बवाल पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि,'' ज़िला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को नामांकन करने से रोकना, वो हारी हुई भाजपा का चुनाव जीतने का नया प्रशासनिक हथकंडा है।
अखिलेश यादव ने कहा,''गोरखपुर व अन्य जगह जिस तरह भाजपा सरकार ने पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को नामांकन करने से रोका है, वो हारी हुई भाजपा का चुनाव जीतने का नया प्रशासनिक हथकंडा है। भाजपा जितने पंचायत अध्यक्ष बनायेगी, जनता विधानसभा में उन्हें उतनी सीट भी नहीं देगी।
समाजवादी पार्टी ने कहा,''बस्ती में ज़िला पंचायत अध्यक्ष नामांकन के दौरान पुलिस की उपस्थिति में भाजपा नेता की गुंडई! भाजपा प्रत्याशी संजय चौधरी ने सपा के ज़िला पंचायत सदस्य व प्रस्तावक को खींचकर अपहरण करने का किया प्रयास, घोर निंदनीय। दंभी सत्ता के अब दिन हैं बचे चार।