नई दिल्ली: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में जारी सियासी घमासान के बीच लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने तत्काल प्रभाव से सभी पुरानी लोजपा समितियों को भंग कर दिया| कल चिराग पासवान खुद को लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने का दावा बताते हुए लोजपा के 5 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग पहुंचे थे ,इधर आज सांसद पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में लोजपा गुट ने राष्ट्रीय, राज्य कार्यकारिणी और विभिन्न प्रकोष्ठों की समितियों को भंग करते हुए अपने चारों सांसदों को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है।
लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने कहा कि,''लोक जनशक्ति पार्टी की जो पुरानी कमेटी थी, राष्ट्रीय हो, प्रदेश की हो या जितने भी प्रकोष्ठ हैं, सभी को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है। नई छोटी सी कमेटी तत्काल कार्य करने के लिए बनाई गई है, 8 लोगों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बनाई गई है|
लोजपा के सांसद चौधरी महबूब अली कैसर और वीणा देवी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रिंस राज एवं चंदन सिंह को राष्ट्रीय महासचिव घोषित किया गया है। बता दें कि लोजपा के पांच सांसद पशुपति कुमार पारस, चौधरी महबूब अली कैसर, वीणा देवी, चंदन सिंह और प्रिंस राज ने चिराग पासवान को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया। इसके बाद उन्होंने चिराग के चाचा पशुपति कुमार पारस को अपना नेता चुन लिया।
LJP पर जो भी फैसला लिया गया है, वह नियम के मुताबिक लिया गया: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला
आपने पशुपति पारस के संसदीय दल का नेता बना दिया जिसपर चिराग पासवान जो खुद को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बता रहे हैं, ने आपत्ति जताई है, क्या आप अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे? इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि पार्टी का संविधान पार्टी चलाने के लिए होता है। संसद अपने नियम के मुताबिक चलता है। LJP पर जो भी फैसला लिया गया है, वह नियम के मुताबिक लिया गया है। LJP के सांसदों ने चिट्ठी देकर संसदीय दल का नेता बदलने की मांग की है, जिसे नियम के मुताबिक मानकर बदलाव किया गया है। हमारे पास दोनों ही पक्षों से चिट्टियां आई है। दूसरे पक्ष से कोई आपत्ति आती है तो हम उसकी भी समीक्षा करेंगे।