लखनऊ/चित्रकूट: चित्रकूट जेल हत्याकांड मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है| चित्रकूट जेल के जेलर और जेल अधीक्षक को निलंबित किया गया| इसके अलावा विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं| अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने जारी किए आदेश| अशोक कुमार सागर बनाये गए नए जेल अधीक्षक चित्रकूट तो वहीं सी०पी० त्रिपाठी कारापाल जिला जेल बनाये गए।
चित्रकूट जेल में शूटआउट में तीन कैदियों की मौत के मामले में देर रात जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश तिवारी और जेलर महेंद्र पाल को सस्पेंड कर दिया गया। सीएम ने 6 घंटे के भीतर पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी। इसपर जांच के लिए बनाई गई 3 अधिकारियों की फौरी पड़ताल के आधार पर दोनों अफसरों को निलंबित किया गया। चित्रकूट जेल में आज ही गैंगवार में तीन अपराधी मारे गए थे| चित्रकूट जिला जेल रगौली में कैदी अंशुल दीक्षित ने फायरिंग कर मेराजुद्दीन और मुकीम काला की हत्या कर दी। वहीं पुलिस कार्रवाई में अंशुल दीक्षित भी मारा गया था।
'''आदेश में लिखा गया है,''14 मई को को जिला कारागार चित्रकूट में बन्दियों के द्वारा गोलीबारी एवं उसमें हुयी बन्दियों की मृत्यु के प्रकरण में जिला कारागार चित्रकूट एस0पी0 त्रिपाठी अधीक्षक की प्रशासनिक अक्षमता, कर्तव्यों व दायित्वों के प्रति उदासीनता, शिथिलता एवं कर्तव्यविमुखता के दृष्टिगत उनको प्रथमदृष्टया दोषी पाते हुए तात्कालिक प्रभाव से एतद्द्वारा निलम्बित कर उनके विरूद्ध उ0प्र0 सरकारी सेवक(अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के अन्तर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की जाती है। निलम्बन अवधि में एस०पी० त्रिपाठी, डा0 सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान, उ0प्र0 लखनऊ से सम्बद्ध
रहेंगे।
निलम्बन की अवधि में एस0पी0 त्रिपाठी अधीक्षक कारागार को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2 भाग-2 से 4 के मूल नियम-53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्ध वेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन भत्ते की धनराशि पर मंहगाई भत्ता, यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय भी अनुमन्य होगा, किन्तु ऐसे अधिकारी को जीवन निर्वाह के साथ कोई मंहगाई भत्ता देय नहीं होगा, जिन्हें निलम्बन से पूर्व प्राप्त वेतन के साथ मंहगाई भत्ता अथवा मंहगाई भत्ते का उपान्तिक समायोजन प्राप्त नहीं था। निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होंगे जब इसका समाधान हो जाय कि उनके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है, जिसके लिए उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य हैं। उल्लिखित मदों का भुगतान तभी किया जाएगा जबकि श्री एस0पी0 त्रिपाठी अधीक्षक, कारागार इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार, वृत्ति व्यवसाय में नहीं लगे हैं।
''''जिला कारागार, चित्रकूट में दिनांक 14.05.2021 को हुयी घटना केप्रकरण में श्री महेन्द्र पाल, कारापाल, जिला कारागार चित्रकूट को प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने के दृष्टिगत उनको निलम्बित करते हुये उनके विरूद्व उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के अधीन कार्यवाही किये जाने का निर्णय लिया गया है। कृपया तद्नुसार आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट
गौरतलब है कि,''चित्रकूट जेल में आज सुबह अपराधियों के बीच गैंगवार हो गया| अंशु दीक्षित ने की पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े गैंगस्टर मुकीम काला और मेराजुद्दीन की हत्या कर दी| जेल में मारा गया मुकीम काला वही अपराधी है जिसने NIA अफसर तंजील अहमद को दिन दहाड़े मौत के घाट उतार दिया था| मुक़ीम पश्चिमी यूपी का बड़ा गैंगस्टर था। डबल मर्डर करने वाले अंशु दीक्षित को जेल पुलिस ने मार गिराया गया|
चित्रकूट पुलिस अधीक्षक ने बताया, "जेल में कैदियों के बीच फायरिंग हुई, जिसमें मुकीम काला समेत 3 कैदी मारे गए। मुकीम काला ने NIA अफसर तंजील अहमद की दिन दहाड़े हत्या की थी। मुकीम काला पश्चिमी यूपी का गैंगस्टर था।"
चित्रकूट धाम मण्डल के आईजी के. सत्यनारायण ने पुष्टि करते हुए बताया कि जेल में पश्चिम यूपी के टॉप मोस्ट क्रिमिनल मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला पर शार्प शूटर अंशुल दीक्षित ने गोलियां चलाई। अंशुल दीक्षित पूर्वांचल का शार्प शूटर बताया जा रहा है। दोनों गुटों में हुए संघर्ष में मेराजुद्दीन और मुकीम मारे गए।
डीआईजी जेल पीएन पांडेय ने भी बताया कि वर्चस्व की इस भिड़ंत में दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग भी हुई है। अंशुल दीक्षित नाम के कैदी ने फायरिंग कर मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला को मार गिराया। इसके बाद भारी पुलिस बल ने जेल के अंदर ही अंशुल का एनकाउंटर कर दिया। घटना की जांच तथा स्थिति का जायजा लेने हेतु प्रभारी उप महानिरीक्षक कारागार प्रयागराज रेंज पी एन पांडे चित्रकूट के लिए रवाना हो चुके हैं।