देहरादून: आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हुए कर्नल अजय कोठियाल (सेवानिवृत्त) उत्तराखंड उपचुनाव में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। CM तीरथ सिंह रावत के खिलाफ आम आदमी पार्टी के कर्नल अजय कोठियाल ने चुनाव लड़ने की चुनौती पेश की है|
आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को देहरादून में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह घोषणा की है। इस दौरान आप ने आप प्रवक्ता नवीन पिरसाली ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को चुनौती दी और कहा कि वह गंगोत्री सीट से उपचुनाव लड़ें। इस सीट पर आम आदमी प्रत्याशी अजय कोठियाल मुख्यमंत्री से मुकाबला करेंगे।
कोठियाल ने ट्वीट कर कहा कि,'' पाँच वर्षों में भाजपा ने उत्तराखंड को बर्बाद कर दिया. मैं सौभाग्यशाली हूं कि मेरी पार्टी ने मुझे CM तीरथ सिंह रावत के सामने गंगोत्री उपचुनाव लड़ने का मौक़ा दिया है। मैं गंगोत्री के कई गाँवों में गया। लोग बहुत दुखी हैं। मुझे विश्वास है कि इस बार जनता की जीत होगी। जय हिंद.
अजय कोठियाल का नाम गंगोत्री सीट के लिए घोषित होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने ट्वीटर पर लिखा 'कर्नल साहब, शुभकामनाएं। आपने फौज में जान की बाजी लगाकर देश की रक्षा की। अब उत्तराखंड आपकी ओर देख रहा है। यहां की भ्रष्ट राजनीति भी साफ करनी है।'
दरअसल, उत्तराखंड के मौजूदा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को 10 सितंबर से पहले विधानसभा का चुनाव लड़ कर जीतना है, क्योंकि वह अभी विधायक नहीं हैं, जबकि कर्नल अजय कोठियाल उत्तराखंड का बड़ा नाम है, जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली है|
इससे पहले आप के संगम विहार से विधायक दिनेश ने ट्वीट किया था कि भाजपा ने एलान किया है कि गंगोत्री उपचुनाव में CM तीरथ सिंह रावत जी लड़ेंगे| उन्हें मुक़ाबला देने के लिए आम आदमी पार्टी से कर्नल अजय कोठियाल जी गंगोत्री उपचुनाव लड़ेंगे, भाजपा के कुशासन के अंत का समय आ गया है|
उत्तराखंड में उपचुनाव और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच उत्तराखंड के सीएम दिल्ली में मौजूद हैं| कहा जा रहा है कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने दिल्ली आए हैं|
बता दें कि पिछले दिनों तीरथ रावत के सीएम पद पर बने रहने को लेकर कांग्रेस नेता की तरफ से दिए गए बयान के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक उठा पटक का दौर जारी है| कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मंत्री नव प्रभात ने कहा था कि राज्य में संवैधानिक संकट पैदा हो रहा है और राज्य में सरकार के नेतृत्व में एक बार फिर बदलाव होगा| '
नव प्रभात ने कहा था कि,''उत्तराखंड में एक संवैधानिक संकट पैदा हो रहा है| वर्तमान में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत विधायक नहीं हैं| अपने पद पर बने रहने के लिए, उन्हें 9 सितंबर को छह महीने पूरे होने से पहले विधानसभा का निर्वाचित सदस्य बनना होगा|अब, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 151 ए के तहत, उस स्थिति में उप-चुनाव नहीं हो सकता, जहां आम चुनाव के लिए केवल एक साल बाकी है|
कांग्रेस नेता ने कहा कि गंगोत्री और हल्दवानी विधानसभा सीटें मौजूदा विधायकों की मौत की वजह से खाली हैं|उन्होंने कहा, 'उत्तराखंड में दो विधानसभा सीटें खाली हैं, मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2022 में खत्म होगा| इसका मतलब है कि इस विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने में 9 महीने ही बचे हैं| अगर ऐसे देखा जाए तो 9 सितंबर के बाद मुख्यमंत्री पद पर तीरथ सिंह रावत का बने रहने संभव नहीं है| ऐसे मामले में उत्तराखंड में एक बार फिर नेतृत्व में बदलाव किया जाएगा|
बताते चलें, उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत के विधायक का चुनाव लड़ने की समय सीमा खत्म होने को है| सीएम को विधायक के रूप में चुने जाने के लिए सिर्फ 10 सितंबर तक का समय बचा है| अगर समय पर उपचुनाव नहीं कराए गए तो इससे सीएम की कुर्सी पर बड़ा कानूनी और राजनीतिक संकट खड़ा हो सकता है| संविधान के आर्टिकल-164 (4) के तहत, एक मंत्री को छह महीने के भीतर राज्य विधानमंडल का सदस्य होना जरूरी है, तभी वह आगे मंत्री बना रह सकता है| अगर तय समय तक वह विधायक नहीं चुना जाता है तो वह मंत्री नहीं रह सकता|