नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सम्मेलन केंद्र 'रुद्राक्ष' का उद्घाटन किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में 100 बेड के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे।
जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा ने कहा,''अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सम्मेलन केंद्र 'रुद्राक्ष' का उद्घाटन होने पर मैं हार्दिक बधाई देना चाहता हूं। इस शहर का जापान के साथ घनिष्ठ संबंध है|
वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,14 जुलाई 2018 को जापान के सहयोग से इस रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर का भूमि पूजन हुआ था। आज इस सेंटर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से हुआ, मैं इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,'कोरोना काल में जब दुनिया ठहर सी गई, तब काशी संयमित तो हुई, अनुशासित भी हुई, लेकिन सृजन और विकास की धारा अविरल बहती रही। काशी के विकास के ये आयाम, ये ‘इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर- रुद्राक्ष’ आज इसी रचनात्मकता का इसी गतिशीलता का परिणाम है|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,'भारत के परममित्र जापान के प्रधानमंत्री श्री योशीहिदे सुगा और भारत में जापान के राजदूत सुजुकी सातोषी जी को बहुत धन्यवाद करता हूं। प्रधानमंत्री योशीहिदे जी उस समय चीफ़ कैबिनेट सेक्रेटरी थे। तब से लेकर पीएम की भूमिका तक, लगातार वो इस प्रोजेक्ट में व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे हैं| उन्होंने कहा,'जापान के ही मेरे एक और मित्र- शिंजो आबे जी। मुझे याद है, शिंजों आबे जी जब प्रधानमंत्री के तौर पर काशी आए थे, तो रुद्राक्ष के आइडिया पर उनसे मेरी चर्चा हुई थी उन्होंने तुरंत ही अपने अधिकारियों से इस आइडिया पर काम करने को कहा|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,''भारत और जापान की सोच है कि हमारा विकास हमारे उल्लास के साथ जुड़ा होना चाहिए। ये विकास सर्वमुखी होना चाहिए, सबके लिए होना चाहिए और सबको जोड़ने वाला होना चाहिए| उन्होंने कहा,''बनारस के तो रोम रोम से गीत संगीत और कला झरती है। यहाँ गंगा के घाटों पर कितनी ही कलाएं विकसित हुई हैं, ज्ञान शिखर तक पहुंचा है और मानवता से जुड़े कितने गंभीर चिंतन हुये हैं। इसीलिए, बनारस गीत-संगीत का, धर्म-आध्यात्म का और ज्ञान-विज्ञान का एक बहुत बड़ा ग्लोबल सेंटर बन सकता है|
PM मोदी ने कहा,''काशी तो साक्षात् शिव ही है। अब जब पिछले 7 सालों में इतनी सारी विकास परियोजनाओं से काशी का श्रंगार हो रहा है, तो ये श्रंगार बिना रुद्राक्ष के कैसे पूरा हो सकता था? अब जब ये रुद्राक्ष काशी ने धारण कर लिया है, तो काशी का विकास और ज्यादा चमकेगा, और ज्यादा काशी की शोभा बढ़ेगी|