मुख्य सामग्री पर जाएँ
26 अगस्त 2026

“हमारी परिकल्पना समावेशी विकास और समावेशी प्रगति की है”: पीएम मोदी

विशाखापत्तनम: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में 10,500 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने क…

“हमारी परिकल्पना समावेशी विकास और समावेशी प्रगति की है”: पीएम मोदी
“हमारी परिकल्पना समावेशी विकास और समावेशी प्रगति की है”: पीएम मोदी | फ़ोटो: TVL News

विशाखापत्तनम: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में 10,500 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बात चाहे शिक्षा की हो या उद्यमिता की, प्रौद्योगिकी की हो या चिकित्सा व्यवसाय की, हर क्षेत्र में आंध्रप्रदेश के लोगों ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यह पहचान सिर्फ व्यावसायिक गुणों का परिणाम नहीं है, बल्कि आंध्रप्रदेश के लोगों का मिलनसार और हंसमुख स्वभाव भी इसका कारण है। प्रधानमंत्री ने हर्ष व्यक्त किया कि परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास आज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के विकास को और गति मिलेगी।


प्रधानमंत्री ने कहा, “इस अमृतकाल में भारत विकसित देश बनने के उद्देश्य के साथ विकास-पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।” विकास-पथ को बहुआयामी बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका पूरा ध्यान आम नागरिक की आवश्यकताओं व जरूरतों पर है तथा यह उन्नत अवसंरचना के लिए एक रोडमैप भी पेश करता है। उन्होंने समावेशी उन्नति के लिए सरकार की परिकल्पना को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों द्वारा अवसंरचना विकास के प्रति एकांगी समझ रखने पर अफसोस व्यक्त किया, जिसके कारण लॉजिस्टिक खर्चों में बढ़ोतरी हुई और आपूर्ति श्रृंखला कमजोर हुई। 


उन्होंने बताया कि सरकार ने अवसंरचना विकास के प्रति नई समझ अपनाई है, क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला तथा लॉजिस्टिक्स बहुविध कनेक्टीविटी पर आश्रित होती है। इसके साथ ही विकास के प्रति एकीकृत नजरिया अपनाने की भी जरूरत होती है। आज की परियोजनाओं के मद्देनजर विकास के एकीकृत दृष्टिकोण का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने प्रस्तावित आर्थिक कॉरिडोर परियोजना में छह-लेन के सड़क निर्माण, बंदरगाह को जोड़ने के लिये एक अलग सड़क, विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन के सुंदरीकरण तथा उत्कृष्ट मछली-बंदरगाह के निर्माण का उल्लेख किया। 


प्रधानमंत्री ने विकास के इस एकीकृत दृष्टिकोण का श्रेय पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को दिया और कहा कि इससे न केवल अवसंरचना निर्माण की रफ्तार तेज हुई है, बल्कि इससे परियोजनाओं पर लगने वाला खर्च भी कम हुआ है। उन्होंने कहा, “बहुविध यातायात प्रणाली हर शहर का भविष्य है और विशाखापत्तनम ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिया है।” उन्होंने कहा कि आंध्रप्रदेश और उसका तटीय क्षेत्र नई गति और ऊर्जा के साथ विकास की दौड़ में आगे निकल जायेंगे।


प्रधानमंत्री ने संकटग्रस्त वैश्विक जलवायु का उल्लेख किया और महत्त्वपूर्ण उत्पादों व ऊर्जा आवश्यकताओं के लिये आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान की चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बहरहाल, भारत ने इस कठिन समय में भी विकास का नया अध्याय लिख दिया है। विश्व ने यह मान लिया है और विशेषज्ञ भारत की उपलब्धियों का बखान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारत पूरे विश्व के लिए आशा का केंद्र बन गया है।” यह इस तथ्य के कारण संभव हो सका कि “भारत अपने नागरिकों की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए काम कर रहा है। हर नीति और निर्णय आम नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ही होता है।” प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि पीएलआई योजना, जीएसटी, आईबीसी और आसन्न राष्ट्रीय अवसंरचना के कारण भारत में निवेश बढ़ रहा है। 


उन्होंने कहा कि इसके साथ ही गरीबों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा, “आज विकास की इस यात्रा में, जो क्षेत्र पहले हाशिये पर पड़े थे, अब उन्हें भी शामिल कर लिया गया है। यहां तक कि अत्यंत पिछले जिलों में भी आकांक्षी जिला कार्यक्रम के जरिये विकास योजनाएं चलाई जा रही हैं।” प्रधानमंत्री ने कई पहलों का भी हवाला दिया, जैसे पिछले ढाई वर्षों से लोगों को मुफ्त राशन, हर किसान के खाते में हर वर्ष छह हजार रुपये जमा करना तथा ड्रोन सुगमता, गेमिंग तथा स्टार्ट-अप सम्बन्धी नियम।



स्पष्ट लक्ष्यों के महत्व पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने आंध्रप्रदेश में आधुनिक प्रौद्योगिकी के जरिये समुद्र की गहराई से ऊर्जा प्राप्त करने का उदाहरण दिया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकार ब्लू इकोनॉमी पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा, “ब्लू इकोनॉमी पहली बार इतनी बड़ी प्राथमिकता बन गई है।” उन्होंने मछुआरों के लिये किसान क्रेडिट कार्ड और विशाखापत्तनम में आज शुरू होने वाले मछली-बंदरगाह के आधुनिकीकरण जैसे उपायों का भी उल्लेख किया।



प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि सदियों से समुद्र भारत के लिए समृद्धि का स्रोत रहा है तथा हमारे समुद्री तट इस समृद्धि का प्रवेशद्वार रहे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की कीमत वाली परियोजनाएं, जो देश के बंदरगाहों के विकास के लिए हैं, उनमें आज के बाद और विस्तार होगा।


अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “21वीं सदी का भारत विकास के समग्र विचार को जमीन पर उतार रहा है।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आंध्रप्रदेश देश के इस विकास अभियान में केंद्रीय भूमिका निभाता रहेगा। इस अवसर पर आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएसआर जगन रेड्डी, आंध्रप्रदेश के राज्यपाल बिस्व भूषण हरिचंदन, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, संसद सदस्य और आंध्रप्रदेश विधान परिषद के सदस्य भी उपस्थित थे।




tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 12 नवंबर 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।