कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद सुष्मिता देव तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुईं। सुष्मिता देव टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ ब्रायन की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुईं।
कांग्रेस की पूर्व सांसद व वर्तमान में महिला इकाई की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफे की जानकारी सोनिया गांधी को पत्र के माध्यम से दी थी । सुष्मिता देव का पार्टी से इस्तीफा देना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज ही कहा था,'' मैंने सुष्मिता देव से बात करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन ऑफ था। उनका कोई पत्र आज तक सोनिया गांधी को नहीं मिला है। सुष्मिता देव अपने विवेक से और सोच समझकर निर्णय करेंगी। जब तक उनसे पूरी बात नहीं हो जाती इससे ज़्यादा कहना अनुचित होगा|
सुष्मिता देव 2014 के लोकसभा चुनाव में असम की सिल्चर सीट से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर सांसद बनीं थीं। इसके बाद उन्हें ऑल
इंडिया महिला कांग्रेस का कार्यभार भी दिया गया था। लेकिन, असम विधानसभआ चुनाव में हार के बाद सुष्मिता देव का इस्तीफा कांग्रेस के लिए और भी मुसीबत बन गया है।
असम राज्य से आने वाली और मूल रूप से बंगाली सुष्मिता देव के पिता स्वर्गीय संतोष मोहन देव पांच बार सिलचर सीट के अलावा दो बार त्रिपुरा पश्चिम सीट से भी लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं|
सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद कांग्रेस में एक बार फिर बुजुर्ग बनाम युवा की सियासत शुरू हो गई है। एक तरफ युवा नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा है कि पार्टी को इस पर मंथन करना होगा कि क्यों सुष्मिता देव जैसे युवा लोग उनको छोड़कर चले जा रहे हैं। वहीं कपित सिब्बल ने भी इस मामले में ट्वीट करते हुए कहा है कि युवा नेता कांग्रेस को छोड़कर जा रहे हैं और आरोप पुराने बुजुर्ग नेताओं पर लगते हैं।