इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की जान खतरे में है| प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या की साजिश रची गई है| यह दावा उनकी पार्टी PTI (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) ने 30 मार्च की देर रात किया| PTI के वरिष्ठ नेता ने दावा किया है कि, इमरान खान की जान को खतरा है|
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के वरिष्ठ नेता फैसल वावड़ा ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री इमरान खान की जान खतरे में है क्योंकि उनकी हत्या की साजिश रची गई है|
साल 2018 में पाकिस्तान की सत्ता में काबिज होने के बाद इमरान खान को अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है। इमरान खान इस वक्त राजनीतिक संकट से घिरे हुए हैं। विपक्ष ने उनकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि खान अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले ही इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं।
वहीँ इमरान इस अविश्वास प्रस्ताव को लेकर दावा कर रहे हैं कि वह सरकार में बने रहेंगे। लेकिन, पाकिस्तान की संसद का मौजूदा गणित कुछ और ही इशारा करता है। उनके अधिकांश सहयोगी साथ उनका छोड़ चुके हैं। इस अविश्वास पर अप्रैल के पहले सप्ताह में मतदान होने की संभावना है।
इमरान खान के पास 'कोई विकल्प' नहीं बचा, उन्हें 'प्रधानमंत्री पद' से इस्तीफा देना होगा: जरदारी
30 मार्च को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा,''' 2018 में चुनाव के नाम पर चयन पूरे पाकिस्तान के खिलाफ एक साजिश थी| जरदारी ने कहा,'''शहबाज शरीफ ने प्रधानमंत्री को इस्तीफा देने की सही चुनौती दी है। हम समझते हैं कि प्रधानमंत्री ने अभी तक ऐसी कोई जिम्मेदारी नहीं दिखाई है। लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा है, वह अब प्रधानमंत्री नहीं हैं|
बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा,''उन्हें (प्रधानमंत्री) इस्तीफा देना होगा, वह ज्यादा देर तक चलते नहीं रह सकते। संसद का सत्र कल है, चलिए कल मतदान करते हैं और मामले को सुलझाते हैं ताकि हम आगे बढ़ सकें|
इमरान को पीएम बने रहने के लिए 172 सीटों की जरूरत
पाकिस्तान की 342 सदस्यों वाली नेशनल असेंबली में इमरान खान की पार्टी पीटीआई के पास केवल 155 सीटें हैं। इमरान खान को प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए 172 और उन्हें हटाने के लिए विपक्ष को 172 मतों की आवश्यकता है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने दावा किया है कि उनके पास इमरान खान की सरकार को हटाने के लिए आवश्यक नेशनल असेंबली के 172 सदस्यों का समर्थन है।
अविश्वास प्रस्ताव से किसी प्रधानमंत्री की नहीं गई है सत्ता
बता दें कि पाकिस्तान के इतिहास में आज तक कोई भी प्रधानमंत्री अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से बेदखल नहीं हुआ है। इमरान खान ऐसे तीसरे प्रधानमंत्री हैं जिसे अविश्वास प्रस्ताव रूपी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। देश के आंतरिक मामलों के मंत्री शेख राशिद ने कहा है कि नेशनल असेंबली में पीएम इमरान के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर तीन अप्रैल को मतदान हो सकता है।