Russia-Ukraine War Day 64: रूसी हमले की वजह से यूक्रेन की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का कहना है कि युद्ध की वजह से देश को 600 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है।हमारे सैकड़ों उद्योग-धंधे तबाह हो चुके हैं। इसके अलावा लगभग 2,500 किमी सड़कें और लगभग 300 पुल बर्बाद हो गए हैं।
दूसरी तरफ पश्चिमी देशों की तरफ से लगाए गए प्रतिबंध से रूस के ऑइल प्रोडक्शन को भी बड़ा झटका लगा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, रूसी बैंकों और जहाजों पर प्रतिबंधों की वजह से इस साल उसके ऑयल प्रोडक्शन में 17% तक गिरावट आएगी।
यूक्रेन पर हमले का 64वां दिन
यूएन चीफ का युद्ध अपराध के आरोपों की जांच को समर्थन
यूएन महासचिव ने गुरुवार को युद्ध अपराधों के आरोपों की अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत (आईसीसी) से गंभीर जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग का समर्थन किया| इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 21वीं शताब्दी में युद्ध को स्वीकार नहीं किया जा सकता.|
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने रूस से विश्व निकाय के साथ ‘सहयोग को स्वीकार ’ करने की अपील की। यूक्रेन आने से पहले गुटेरेस ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। यूक्रेन में उन्होंने कीव के कई हिस्सों का दौरा किया जो तबाह हो गए हैं।
'हमें ये भूलना नहीं चाहिए कि युद्ध हमेशा अपने आपमें सबसे खराब होता है'
चर्च और सेंट एंड्रयू में, जिसे पहले ऑल सेंट इन बुचा कहा जाता था, गुटेरेस ने कहा कि जब हम इस खौफनाक स्थान को देखते हैं, तो यह मुझे महसूस कराता है कि इसकी गंभीर जांच और जिम्मेदारी तय करना कितना अहम है। मुझे खुशी है कि अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत ने स्थिति को समझा है और अभियोजन कार्यालय पहले से यहां मौजूद है। मैं पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत का समर्थन करता हूं और रूस से अपील करता हूं कि वह आईसीसी से सहयोग को स्वीकार करे। जब हम युद्ध अपराध की बात करते हैं तो हमें नहीं भूलना चाहिए कि युद्ध अपने आप में सबसे खराब होता है।
बोरोदयंका शहर का दौरा करते वक्त संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि जब भी मैं क्षतिग्रस्त हो चुकी इमारतों को देखता हूं तो यह कल्पना करता हूं कि उनमें से उनके ही परिवार का घर नष्ट हो गया है। उन्होंने कहा, ‘मैं देखता हूं कि मेरी पोती भय से भाग रही है और परिवार अंतत: मारा गया है। इसलिए 21वीं सदी में युद्ध निरर्थक है। युद्ध बुराई है। और जब कोई यह स्थिति देखता है तो हमारा दिल निश्चित तौर पर पीड़ितों के साथ होता है। हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ होती हैं और हमारी भावनाएं होती है कि 21वीं सदी में किसी भी स्थिति में युद्ध को स्वीकार नहीं किया जा सकता।’
बाइडेन ने यूक्रेन की मदद के लिए 33 अरब डॉलर का प्रस्ताव किया पेश
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने गुरुवार को यूक्रेन को हथियार देने और उसका समर्थन करने के लिए 33 अरब डॉलर के एक बड़े पैकेज का प्रस्ताव दिया | बाइडेन गुरुवार को कांग्रेस से मांग करेंगे कि रूस के हमलों के खिलाफ यूक्रेन की मदद के अनुरोध के तहत रूस के पूंजीपतियों की संपत्तियों पर कब्जा करने और उनका उपयोग दूसरे काम में करने के लिहाज से नए अधिकार दिए जाएं|
बाइडेन कांग्रेस से मांगेगे नई शक्तियां
व्हाइट हाउस ने कहा कि वह रूस की सरकार और उससे लाभ पाने वालों के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों को मजबूत करने के लिए कांग्रेस से नई शक्तियां प्रदान करने का आग्रह करेंगे| बाइडेन कांग्रेस सदस्यों से मांग कर रहे हैं कि ‘रूस की सरकार के साथ भ्रष्ट सौदों से जाने या अनजाने सीधे लाभ प्राप्त करने को’ अपराध बनाया जाए|
बाइडेन कांग्रेस से यह भी कहेंगे कि सरकार को यूक्रेन की जनता की मदद के लिए प्रतिबंधित रूसी अमीरों की जब्त संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त धन का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए|
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद "युद्ध को समाप्त करने के लिए' अपनी शक्ति में सब कुछ करने में विफल
● संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा,''संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद "युद्ध को समाप्त करने के लिए अपनी शक्ति में सब कुछ करने में विफल"| बता दें यूएन चीफ गुरुवार को यूक्रन पहुंचे जहां उन्होंने कीव के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया| इससे पहले उन्होंने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी|
यूक्रेन की मदद के लिए बिडेन ने कांग्रेस से 33 बिलियन डॉलर और फंडिंग के लिए कहा
राष्ट्रपति बिडेन ने कांग्रेस से 33 बिलियन डॉलर और फंडिंग के लिए कहा हैं| बिडेन ने कहा-यूक्रेन का समर्थन करना 'सस्ता नहीं' है, लेकिन अमेरिका 'खड़ा नहीं रह सकता'|
युद्ध अपराध होते क्या हैं?
इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) के रोम स्टेट्यूट के अनुच्छेद 8 के अनुसार, युद्ध अपराध का मतलब मुख्य रूप से 1949 के जिनेवा कन्वेंशन का ‘गंभीर उल्लंघन’ होता है| इन उल्लंघनों में किसी को जानबूझकर जान से मारना या शारीरिक नुकसान पहुंचाना, यातना देना, संपत्ति को नष्ट करना, युद्धबंदियों को निष्पक्ष मुकदमे के अधिकार से वंचित करना या उन्हें ‘शत्रुतापूर्ण ताकत’ के लिए काम करने के लिए मजबूर करना और बंधक बनाना शामिल है|
इसी स्टेट्यूट के अनुसार, युद्ध अपराध का आशय जानबूझकर सामान्य नागरिकों की हत्या करना या उन पर हमला करना, मानवीय कार्यों या शांति स्थापना में लगे वाहनों या कर्मियों पर हमला करना, लूटपाट, बलात्कार और जहरीले या रसायनिक हथियारों का उपयोग आदि भी है|
17 जून 1998 को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के रोम स्टेट्यूट का मसौदा तैयार किया गया और इस पर हस्ताक्षर किए गए तथा यह 1 जुलाई 2002 को अमल में आ गया| यह स्टेट्यूट नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध, युद्ध अपराध और आक्रामकता के अपराधों को अंतरराष्ट्रीय अपराधों की चार प्रमुख श्रेणियों के रूप में वर्गीकृत करता है|
बुचा युद्ध अपराधों के लिए दस रूसी सैनिकों की जांच ....
यूक्रेन के बुचा में हुए युद्ध अपराधों के लिए दस रूसी सैनिकों की जांच की जा रही है: यूक्रेन के अभियोजक
बूचा शहर में तो इंसानियत ही हो गई थी तार-तार......
दो महीनों में रूस ने यूक्रेन को लगभग पूरी तरह से तबाह कर दिया है। कई शहरों को कब्जे में ले लिया। हजारों लोग मारे गए| युद्ध में खूब खून बहे। सेना के जवानों से लेकर बच्चे, बुजुर्ग तक बेमौत मारे गए। यहां के बूचा शहर में तो इंसानियत ही तार-तार हो गई। रूसी सैनिकों ने मौत का तांडव दिखाया। हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। महिलाओं, लड़कियों के साथ रेप और गैंगरेप किया। बेदर्दी से आम नागरिकों को सिर में गोली मारी। कईयों को जिंदा जला दिया। कई दिन तक सैकड़ों शव सड़कों पर बिखरे पड़े रहे।
● कीव के पास रूसी सैन्य ठिकानों पर हमला करने का 'अधिकार': यूक्रेन के राष्ट्रपति के सहयोगी
21वीं सदी में हम किसी भी युद्ध को स्वीकार नहीं कर सकते
रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिलने के बाद संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस यूक्रेन पहुंचे। उन्होंने कीव के पास बोरोडिएंका शहर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जंग को भयावह और मूर्खता बताया। उन्होंने कहा- मैं लोगों का दर्द महसूस कर सकता हूं। मुझे ऐसा लगता है कि इनमें से एक घर में मेरा परिवार रहता है। जैसे मेरा परिवार अपनी जान बचाने के लिए भागने को मजबूर हो गया हो। यह जंग मूर्खता है। 21वीं सदी में हम किसी भी युद्ध को स्वीकार नहीं कर सकते।
पुतिन की परमाणु धमकी के बाद रूसी एंकर का बयान, कहा- एक दिन सबको मरना ही है
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इशारों में पश्चिमी देशों को परमाणु हमले की धमकी दी है। इसी बीच एक रूसी एंकर दर्शकों को ये कहते हुए शांत रहने और संयम बरतने के लिए कह रही है कि सबको एक न एक दिन मर जाना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, द इवनिंग विद व्लादिमीर सोलोविओव के एक एपिसोड में, एंकर व्लादिमीर सोलोविओव और राशियन टाइम्स की हेड मार्गरीटा सिमोनियन के साथ चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने खबर दी की परमाणु युद्ध हो सकता है। इस पर मार्गरीटा सिमोनियन ने कहा- मुझे लगता है कि तीसरी विश्व युद्ध छिड़ सकता है, क्योंकि पुतिन हार नहीं मानेंगे। सब कुछ एक न्यूक्लियर स्ट्राइक से खत्म हो जाएगा। मुझे नहीं लगता कि इसके अलावा और कुछ हो सकता है। मुझे पता है कि भयानक है लेकिन जो है सो है। उन्होंने दर्शकों से कहा कि आखिर हम सबको एक दिन मर जाना है।
यूक्रेन को हो सकता है 1 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान
यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस श्यामल ने द इकोनॉमिस्ट में लिखे एक कॉलम में यूक्रेन को भारी भरकम आर्थिक नुकसान की बात कही है। डेनिस का मानना है कि युद्ध की वजह से यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। यह नुकसान 2021 के सकल घरेलू उत्पाद के पांच गुना के बराबर है।
अब बाइडेन को रूसी अरबपतियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार
अमेरिका की संसद में बुधवार को भारी बहुमत से एक विधेयक पारित किया है। इस विधेयक में राष्ट्रपति बाइडेन से रूसी अरबपतियों की संपत्ति जब्त कर यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य और मानवीय सहायता भेजने की अपील की गई है। हालांकि, यह कानून गैर-बाध्यकारी है।
अमेरिका ने रूस के मूवमेंट की सटीक सूचनाएं दीं
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि फरवरी से ही अमेरिका, यूक्रेन को रूसी सेना के मूवमेंट की रियल टाइम खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है। इससे यूक्रेन ने कीव एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहे रूसी विमान के सैकड़ों सैनिकों को मार गिराया था। एक अधिकारी ने कहा, ‘हम यूक्रेन को लगातार उन जगहों की जानकारी दे रहे हैं, जहां रूसी सैनिक यूक्रेन पर हमले की योजना बना रहे।'
कीव में दूतावास खोलने की तैयारी
पिछले हफ्ते बोरिस जॉनसन ने जल्द ही कीव में ब्रिटिश ऐम्बेसी फिर से शुरू करने की घोषणा की थी। इस तैयारी के बीच सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी अपनी यूक्रेन यात्रा के दौरान घोषणा की थी कि अमेरिकी डिप्लोमैट्स भी एक हफ्ते के भीतर कीव लौट आएंगे।
पोलैंड-बुल्गारिया की गैस सप्लाई रोकी, कीमत 24% बढ़ी
रूस ने यूक्रेन की मदद के आरोप में पोलैंड और बुल्गारिया को नेचुरल गैस की सप्लाई बंद करते हुए साफ संदेश दिया है कि वह अपने खिलाफ खड़े होने वालों को छोड़ेगा नहीं। दोनों यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने रूबल मुद्रा में भुगतान नहीं किया। रूस के फैसले की वजह से यूरोपीय गैस की कीमतें आज 24% बढ़कर इस महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। यह एक साल पहले की तुलना में लगभग 7 गुना ज्यादा है।