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24 अगस्त 2026

श्रीलंका में जारी विरोध के बीच दिनेश गुणवर्धने बने देश के नए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने दिलाई शपथ

कोलंबो: श्रीलंका में जारी विरोध के बीच दिनेश गुणवर्धने (Dinesh Gunawardena) को श्रीलंका के प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। उन्होंने आज कोलंबो के फ्लावर रोड स्थ??त प्रधानमंत्री कार्यालय में…

श्रीलंका में जारी विरोध के बीच दिनेश गुणवर्धने बने देश के नए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने दिलाई शपथ
श्रीलंका में जारी विरोध के बीच दिनेश गुणवर्धने बने देश के नए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने दिलाई शपथ | फ़ोटो: TVL News

कोलंबो:  श्रीलंका में जारी विरोध के बीच दिनेश गुणवर्धने (Dinesh Gunawardenaको श्रीलंका के प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। उन्होंने आज कोलंबो के फ्लावर रोड स्थ??त प्रधानमंत्री कार्यालय में नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।  श्रीलंका के वरिष्ठ सांसद दिनेश गुणवर्धने ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली| 



73 साल के दिनेश गुणवर्धने श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के कार्यकाल में गृहमंत्री रह चुके हैं| वह श्रीलंका के विदेश मंत्री और शिक्षा मंत्री का भी कार्यभार संभाल चुके हैं|



वहीँ,श्रीलंका के नए राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के ख़िलाफ़ प्रदर्शन तेज होने के साथ ही गाले फेस पर प्रदर्शनकारी जमा हुए। कोलंबो में श्रीलंकाई राष्ट्रपति सचिवालय के परिसर के बाहर सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों के टेंट को हटाया गया।



कोलंबो में श्रीलंकाई राष्ट्रपति सचिवालय के परिसर के बाहर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों ने सचिवालय के बाहर बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच टकराव भी हुआ। कोलंबो में श्रीलंकाई राष्ट्रपति सचिवालय के परिसर के बाहर सशस्त्र सैनिकों की भारी तैनाती की गई।



एक प्रदर्शनकारी ने बताया, "रानिल विक्रमसिंघे हमें खत्म करना चाहते हैं और वे फिर से ऐसा कर रहे हैं। हम हार नहीं मानेंगे। हम अपने देश को इस गंदी राजनीति से मुक्त बनाना चाहते हैं।"



बता दें कि श्रीलंका अभी आर्थिक संकट से जूझ रहा है| यहां हालात उसके खराब हो चुके हैं कि जनता को सड़क पर उतर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है| जनता के आक्रोश और पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया के खिलाफ नाराजगी को देखते हुए मची राजनीतिक उथल-पुथल के बीच गोटाबाया देश छोड़कर भाग गए और अपने पद से इस्तीफा दे दिया|



प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया और फिर चुनाव में मिली जीत के बाद विक्रमसिंघे ने देश की सत्ता संभाल ली है| बुधवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की।



रानिल विक्रमसिंघे को 134 सांसदों का समर्थन मिला है। उनके प्रतिद्वंदी दुल्लास अल्हाप्पेरुमा को 82 वोट ही मिले। राष्ट्रपति चुनाव में तीसरे उम्मीदवार अनुरा कुमारा दिसानायके थे। रानिल विक्रमसिंघे का कार्यकाल नवंबर 2024 में खत्म होगा। वे गोटाबाया राजपक्षे के बचे हुए कार्यकाल को पूरा करेंगे।



गौरतलब है कि 73 वर्षीय गोटाबाया राजपक्षे ने राष्ट्रपति रहते हुए श्रीलंका छोड़ मालदीव भाग गए थे। मालदीव से वो अपनी पत्नी संग सिंगापुर चले गए। सिंगापुर पहुंचते ही गोटाबाया ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। गोटाबाया के देश छोड़ने के बाद कोलंबो में हालात और बिगड़ गए थे। लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन और राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा जमा लिया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प भी हुई। झड़प में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई जबकि कई घायल हो गए।





tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 22 जुलाई 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 11 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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