Sri Lanka Economic Crisis: श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे मालदीव से सऊदी एयरलाइंस के विमान से सिंगापुर पहुंचे है| सऊदी एयरलाइंस का विमान बृहस्पतिवार को सिंगापुर के चांगी हवाई अड्डे पर पहुंचा है| माना जा रहा है कि इस विभान में सवार होकर श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे सिंगापुर पहुंचे है|
सिंगापुर विदेश मंत्रालय के अनुसार श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे निजी यात्रा के लिए आए हैं, उन्होंने शरण नहीं मांगी है और न ही उन्हें शरण दी गई है|
"सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की गई जिसमें सिंगापुर में राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे और प्रथम महिला इओमा को चांगी हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर देखा गया है। तस्वीर अन्य यात्री ने खींचा है।"
सिंगापुर के विदेश मंत्रालय का कहना है कि राष्ट्रपति गोतबया राजपक्षे को निजी यात्रा पर शहर-राज्य में प्रवेश करने की अनुमति दी गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि राजपक्षे ने शरण नहीं मांगी
गौरतलब है कि, श्रीलंका सरकार की नाकामी के खिलाफ जन विद्रोह पैदा होने के बाद राजपक्षे देश छोड़कर भाग गए थे| राजपक्षे ने बुधवार को राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने का वादा किया था |
लेकिन इस्तीफा देने से पहले ही श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे अपने परिवार के साथ देश छोड़कर फरार हो गए| आर्थिक संकट के जूझ रहे श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे देश छोड़कर मालदीव भाग गए|
प्रदर्शनकारियों ने PM के निजी आवास को फूंका
09 जुलाई, 2022 को गोटाबाया राजपक्षे राजधानी कोलंबो स्थिति अपने आवास से भाग गए थे| उसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चल रहा था कि वो कहा है| बुधवार खबर आई कि गोतबाया राजपक्षे देश से भाग गए हैं, वे मालदीव पहुंच गए हैं|
परिवार समेत देश छोड़कर भाग गए राजपक्षे
श्रीलंकाई वायु सेना मीडिया निदेशक ने बताया,''श्रीलंका के राष्ट्रपति, 2 अंगरक्षकों के साथ पहली महिला (राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे की पत्नी) को मालदीव के लिए उड़ान भरने के लिए आव्रजन, सीमा शुल्क और अन्य कानूनों के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा पूर्ण अनुमोदन के अधीन किया गया। 13 जुलाई की सुबह उन्हें वायु सेना के विमान उपलब्ध कराए गए थे|
घर छोड़कर “भागे” गोटाबाया राजपक्षे
शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर धावा बोल दिया था, जिसके बाद राजपक्षे ने घोषणा की थी कि वह बुधवार को पद से इस्तीफा दे देंगे।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश के अभूतपूर्व आर्थिक संकट के लिए राजपक्षे जिम्मेदार हैं, जिसके चलते देश की हालत खराब हुई है।