आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद के थाना जगनेर क्षेत्र में बच्चे का शव नदी में मिलने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है| ढ़ाई साल बच्चे की हत्या तंत्र मंत्र के चलते हुई थी। तन्त्र-मन्त्र के लिए बलि देकर बच्चे की हत्या करने वाले हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है| थाना जगनेर के वरिगवां गांव में एक घर के बाहर से खलने के दौरान बच्चे का अपहरण कर लिया था। घरवालों ने काफी तलाश की, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। अगले दिन बच्चे का शव नदी में पड़ा मिला। मामले में पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए पूरी घटना बताई।
15 जून, 2022 को रामअवतार द्वारा सूचना दी गयी कि मेरा ढाई वर्ष का बेटा गाँव में बच्चो के साथ खेलने गया था। काफी खोजबीन करने के पश्चात् भी कोई पता नही चल सका। 15 जून को थाना पर वादी द्वारा गुम बच्चे के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसके सम्बन्ध में थाना जगनेर पर मु.अ.सं. 87/2022 धारा 363 भादवि पंजीकृत किया गया। अगले दिन 16 जून को पीड़ित पिता को ग्रामीणो द्वारा किबाड़ नदी में एक बच्चे के मिलने की सूचना दी गयी, किबाड़ नदी में जाकर देखा तो पिता द्वारा अपने बच्चे का शव होना बताया गया, जिसके आधार पर मुकदमा उपरोक्त में धारा 302/201 भादवि की बढ़ौत्तरी की गयी।
पुलिस के विवेचना के क्रम में ढ़ाई साल बच्चे के हत्या में हुकम सिंह उर्फ भोला सिंह पुत्र कैलाशी निवासी ग्राम वरिगंवा वुजुर्ग थाना जगनेर का नाम प्रकाश में आया। 28 जून, 2022 को मुखबिर की सूचना के आधार पर घेराबंदी कर पुलिस ने भोला उर्फ हुकुम सिंह को धर दबोचा।
पुलिस हिरासत में आए आरोपी ने अपना नाम हुकम सिंह उर्फ भोला बताया गया। घटना के सम्बन्ध में आरोपी ने बताया कि, मैं चामड़ देवी माता का पुजारी व भक्त हूं। मेरे पूजा पाठ से चामड देवी माता की सवारी मुझ पर आती है, जिससे मैंने कई लोगो की मदद भी की है। मैं लोगो को उनके कष्ट व बीमारी को तन्त्र-मन्त्रं विद्या से झांड फूंक करके ठीक कर देता हूँ चामड देवी माता पर जो चढावा व रुपये पैसे आते है उसे में रखता हूं।
काफी समय से झाड़-फूंक तन्त्र-मंत्र विद्या का असर किसी पर नहीं हो रहा था: हुकम सिंह
काफी समय से मेरी झाड़-फूंक तन्त्र मंत्र विद्या का असर किसी पर नहीं हो रहा था। मुझे लगा कि देवी माँ मुझसे रुठ गयी हैं। देवी को खुश करने के लिए मैंने बलि देने का निश्चय किया। मैं कई दिनो से यह सोच रहा था कि किसकी बलि देकर चामड देवी मां को खुश करूं, जिससे मेरी झाड़ फूंक व तन्त्र मन्त्रं विद्या फिर से चलने लगे।
तीन वीघा जमीन का भी था लालच
करीब 10-15 दिन पहले मेरा पडोसी गरीबा अपने गोद लिए हुए पुत्र रामअवतार को घर से निकल जाने के लिए कह रहा था साथ ही यह भी कह रहा था कि तुम्हे में अपने घर मकान में कोई हिस्सा नहीं दूगां तुम अपने घर चले जाओ। मेरे दिमाग में एक विचार आया कि अगर रामअवतार गरीबा की सम्पत्ती छोडकर अपने घर ग्राम पीपल खेडा चला जाये तो गरीबा की करीब तीन वीघा जमीन जिसकी कीमत लगभग 15 से 20 लाख की होगी, जिसे गरीबा जरुर बेच देगा। गांव में और कोई जमीन खरीदने की स्थिती में नहीं है और मैं उसकी सारी जमीन खरीद लूगां। बस यही लालच मेरे दिमाग में घर कर गया।
देवी को भी खुश करने के लिए बलि दी: हुकम सिंह
उधर देवी को भी खुश करने के लिए मुझे किसी की बलि देनी थी। मैंने सोचा अगर रामअवतार के नाबालिग वच्चे को उठाकर इसकी बलि देवी को दे दूं तो एक तो अपने पुत्र के वियोग में रामअवतार दुखी होकर गरीबा का घर जमीन छोडकर अपने गांव पीपल खेडा चला जायेगा और देवी माता भी मुझसे खुश हो जायेगी। मेरे ऊपर कोई शक भी नहीं करेगा कि मैने यह घटना की है। उसी दिन से रामअवतार के पुत्र को उठाने और उसकी हत्या करके बलि देने की योजना बनाने लगा।
कोठरी में ले जाकर की हत्या, देवी के चरणो में लाश को अर्पण करके तन्त्र मन्त्र विद्या का जाप किया
15 जून को मैंने देखा कि रामअवतार का पुत्र गांव में भूरा के वंद पडे कुआं के पास अकेले खेल रहा था आस पास कोई नहीं था। मैंने इधर उधर देखा कोई आदमी मुझे दिखाई नहीं दिया मेने अपनी योजना के मुताबिक उस वच्चे को उठाकर अपने खेत में वने ट्यूवेल की कोठरी में ले जा रहा था तभी उसके पैरो में पहने सैण्डिल रास्ते में गिर गये जिसे मैने उठा लिया और साक्ष्य को छुपाने के लिए मेने दोनो पैरो के सैण्डिल को ट्यूवेल कोठरी से थोड़ा पहले झाड़ियों में छुपा दिया व कोठरी में ले जाकर बच्चे का मुँह दवाकर हत्या करके देवी के चरणो में उसकी लाश को अर्पण करके अपने तन्त्र मन्त्र विद्या का जाप किया, तब तक रामअवतार व उसके परिवार के लोगो ने अपने बेटे के गायव होने की सूचना थाना पुलिस जगनेर में दे दी। पूरा गांव और पुलिस बच्चे की तलाश करने लगे। मैने वच्चे की लाश को अपने ट्यूवेल के पास वने कोठरी के पास झांडियो में छिपा दिया था ।
फिर सूखी पड़ी नदी में फेंका
15 जून को रात्रि भोर में करीब 4 बजे मैं उस बच्चे की लाश को झांडियो से निकालकर ट्यूवेल पर पडी प्लास्टिक की पीली हरी बोरी में बच्चे की लाश को कँधे पर लादकर खेतों के रास्ते सूखी पड़ी किवाड नदी के अन्दर ले जाकर फेंक दिया |प्लास्टिक की बोरी मैने निकाल लिया था जिससे उसकी लाश को जानवर खा जायें। प्लास्टिक की बोरी को मैने वहीं नदी में कुछ दूर गड्डे में उस प्लास्टिक की बोरी छिपा दिया था।
गांव के युवक ने देखा था बच्चे को ले जाते हुए
मुझे रामअवतार के लडके को उठाकर ले जाते समय गांव के एक व्यक्ति द्वारा देख लिया था। मुझे इस वात का डर था कि कहीं वह पुलिस को व रामअवतार को बता न दे इसलिए मैने उसे धमकी दी थी कि अगर तुमने पुलिस को या किसी को यह वताने की कोशिश की मैं वच्चे को उठाकर ले गया हूँ तो मैं तेरी व तेरे परिवार की भी हत्या करके बलि चढा दूँगा। ऐसी तन्त्र मन्त्र के साथ पूजा करूँगा कि तेरे घर में हर रोज एक व्यक्ति की मृत्यु होगी, लेकिन उसने पुलिस को सब कुछ बता दिया था। पुलिस मेरे पीछे पड़ी हुई थी इसलिए मैं घर नहीं जा रहा था खेतों व जगंलो में छुपकर रह रहा था।