आगरा: आगरा के थाना कमलानगर क्षेत्र से टाटा टियागो गाड़ी चोरी करने वाले दो अभियुक्तो को पुलिस ने दबोच लिया। जबकि एक फरार है| 7 अप्रैल को वादी प्रमोद भर्तिया पुत्र स्व० लाल सिंह द्वारा थाना कमलानगर पर तहरीर दी गयी कि प्रार्थी की फोर व्हीलर गाड़ी टाटा टियागो घर के बाहर खड़ी हुयी थी। 6/7 अप्रैल की रात में में किन्हीं अज्ञात अभियुक्तगण द्वारा गाड़ी को चोरी कर लिया गया, काफी तलाश करने के बाद भी गाड़ी का कोई अता-पता नहीं मिला। इस सम्बन्ध में थाना कमलानगर पर FIR पंजीकृत किया गया।
आगरा पुलिस ने बताया टाटा टियागो गाड़ी चोरी की घटना का सफल अनावरण करने व संलिप्त अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु टीमों का गठन करते हुए थाना प्रभारी कमलानगर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये थे।
आगरा पुलिस के मुताबिक,;;इसी क्रम में 18 अप्रैल को पुलिस टीम द्वारा थाना क्षेत्र में गश्त व चैकिंग की जा रही थी। गश्त के दौरान मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुयी कि उपरोक्त चोरी की घटना में वांछित अभियुक्त इस समय खंदौली सड़क के पास खड़े हुए हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम बताये स्थान पर पहुंची। पुलिस टीम को देख अभियुक्तगण भागने लगे। चारों ओर से घेरकर दो अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्तगण के कब्जे से चोरी की गाड़ी भी बरामद हुयी।
पुलिस टीम द्वारा पूछताछ करने पर अपना नाम सूरज पौनिया व सौरभ चौधरी बताया गया। सूरज द्वारा बताया गया कि मेरी और मनोज की लगभग 5-6 साल से दोस्ती है, जिससे घर में भी आना-जाना और उसकी गाड़ी लेकर घूमने जाते रहते थे। सौरभ से भी 3-4 साल से बल्केश्वर में कोचिंग के समय दोस्ती हो गई थी।
सौरभ ने एक दिन बताया कि मेरे बुआ के लड़के नितिन चौधरी को एक चोरी की गाड़ी की आवश्यकता है, तब हम तीनों ने मनोज की गाड़ी को चोरी करने की योजना बनाई ।
4 अप्रैल को मैंने, सौरभ चौधरी को आगरा बुलाया और हम दोनों ने योजना के अनुसार उसके घर तेजनगर बल्केश्वर गाड़ी की चाबी चुराने गये. उस समय के घर पर उसकी मां और भाभी थी और मनोज भी मिले। मनोज पानी लेने के लिये बैठक से उठ कर घर के अंदर गया तभी मुझे बैठक में हैंगर में गाड़ी की चाबी टंगी दिखाई दी मौका देखकर मैंने गाड़ी की चाबी हैंगर से उतार कर अपने जेब में डाल ली एवं कुछ देर बाद वहां से चले आए। उस दिन हम दोनों ने बिजली घर होटल में कमरा दोनो वहीं रूके।
5 अप्रैल को हम दोनो होटल से निकल कर बल्केश्वर आये। मनोज को मुझ पर शक ना हो इसलिये मनोज के सामने ही मैने अपने दोस्त सौरभ चौहान उर्फ जाली को बुलाया तथा उससे कहा कि मुझे वाटरवर्क्स छोड़ दो, मैं और सौरभ चौधरी नोयडा काम करने जा रहे हैं, तब सौरभ चौहान उर्फ जाली ने मुझे व सौरभ चौधरी को अपनी मोटरसाइकिल से वाटरवर्क्स चौराहे पर छोड़ गया था। हम दोनों ने होटल बिजली घर पर संदीप कुमार के नाम से होटल में कमरा रूके।
6 अप्रैल को हम दोनो ने होटल छोड़ दिया तथा इधर उधर घूमते रहे। 06/07-04.2022 की रात में हम दोनो ऑटो से लवानिया अस्पताल बल्केश्वर तक आये तथा वहां से पैदल पैदल करीब रात के 1.30 बजे मनोज के घर पर पहुंचे। मनोज की गाड़ी की चाबी पहले से मेरे पास थी। मैंने चाबी से गाड़ी स्टार्ट की तथा गाड़ी को लेकर वाटरवर्क्स होते हुये नोयडा परीचौक पहुंचकर सौरभ चौधरी ने अपने बुआ के लड़के नितिन चौधरी को मोबाइल से बताया कि काम हो गया है गाड़ी लेकर कहां आऊं। उसके बताये अनुसार हम दोनो गाजियाबाद पहुंचे जहां पर नितिन चौधरी मिला । गाड़ी देखने के बाद उसने हम दोनो को अपने गांव सैदपुरा भेज दिया। इसके बाद हम बुलन्दशहर, जट्टारी आ गये।
वांछित अभियुक्त : नितिन चौधरी