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23 अगस्त 2026

“Ahmedabad Blast 2008”: 2008 अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट मामले में 38 दोषियों को फांसी, 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा

अहमदाबाद: 2008 Ahmedabad Serial blasts Case: अहमदाबाद 2008 सीरियल बम ब्लास्ट मामले में शुक्रवार को गुजरात की विशेष अदालत ने दोषियों को ऐतिहासिक सजा सुनाई है| 2008 अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट मामले में…

“Ahmedabad Blast 2008”: 2008 अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट मामले में 38 दोषियों को फांसी, 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा
“Ahmedabad Blast 2008”: 2008 अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट मामले में 38 दोषियों को फांसी, 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा | फ़ोटो: TVL News

अहमदाबाद: 2008 Ahmedabad Serial blasts Case: अहमदाबाद 2008 सीरियल बम ब्लास्ट मामले में शुक्रवार को गुजरात की विशेष अदालत ने दोषियों को ऐतिहासिक सजा सुनाई है| 2008 अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोट मामले में विशेष अदालत ने 49 में से 38 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। जबकि 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।  साथ ही घायलों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया है। बम धमाका प्रकरण में 13 साल बाद आए फैसले में विशेष न्यायाधीश ए आर पटेल ने 7 हजार 15 पेज का जजमेंट सुनाया। 




बता दें कि अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट से सभी दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की गई थी।  वहीं बचाव पक्ष ने कम से कम सजा की अपील कोर्ट की थी। अदालत ने बम धमाकों में मृतकों के परिजनों को 1-1 लाख, घायलों को 50 50 हजार तथा मामूली रूप से जख्मी हुए लोगों को 25-25 हजार का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में सिलसिलेवार हुए बम धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी जबकि 244 के करीब लोग घायल हो गए थे।




फैसले के बाद, अहमदाबाद संयुक्त पुलिस आयुक्त आर.वी. असारी ने बताया ,''अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट गुजरात पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन हमारा तकनीकी नेटवर्क और इंटेलिजेंस  बहुत मज़बूत था... सरकार के मार्गदर्शन में लगभग 350 पुलिस अधिकारी जांच का हिस्सा थे|




गौरतलब है कि अहमदाबाद 2008 सीरियल बम ब्लास्ट मामले में सत्र न्यायालय के न्यायाधीश एआर पटेल ने मंगलवार 8 फरवरी को फैसला सुनाते हुए 49 आरोपियों को दोषी करार दिया था। अदालत ने 77 में से 28 आरोपियों को बरी कर दिया था। कोर्ट ने मंगलवार को सभी को जिहादी साजिश और आतंकवाद के मामलों में दोषी माना था। सभी को IPC की धारा 302 और 120 के तहत सजा हुई। 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में 70 मिनट के दौरान 21 बम धमाके हुए थे, जिसमें 56 लोगों की जान चली गई थी।



अदालत ने इस मामले की सुनवाई पिछले साल सितंबर में पूरी कर ली थी। दिसंबर 2009 में शुरू हुए इस मुकदमे में 1,100 लोगों की गवाही हुई। सबूत नहीं मिलने की वजह से 28 लोगों को बरी कर दिया गया। सरकारी वकीलों में एचएम ध्रुव, सुधीर ब्रह्मभट्ट, अमित पटेल और मितेश अमीन ने दलीलें दीं, जबकि बचाव पक्ष से एमएम शेख और खालिद शेख आदि ने दलील दीं।



लॉकडाउन के दौरान चली सुनवाई 

अहमदाबाद विस्फोट के बाद करीब 12 साल तक इस मामले की जांच और सुनवाई चली है। लॉकडाउन के दौरान भी इस मामले की सुनवाई लगातार चलती रही। देश में पहली बार एकसाथ 49 आरोपियों को आतंकवाद के गुनाह में दोषी ठहराया गया है। मामले की पूरी सुनवाई में अब तक सात जज बदल गए।



21 बम धमाके -56 लोगों की जान...

गौरतलब है कि,''साल 2008 में अहमदाबाद में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। इस घटना में 56 लोगों की मौत हुई थी, साथ ही 200 लोग घायल हो गए थे। यह दिल दहला देने वाली घटना 26 जुलाई 2008 को घटी थी। 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में हुए 21 सीरियल ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इन धमाकों की गूंज से हर कोई स्तब्ध था।




 देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी अहमदाबाद पहुंचे थे। 28 जुलाई 2008 को विस्फोट मामले की जांच के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया था। महज 19 दिनों के अंदर पुलिस ने 30 आतंकियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद बाकी आतंकियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया था कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) और बैन किए गए स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से जुड़े लोगों ने ब्लास्ट कराए थे।




tvlnews

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यह रिपोर्ट 18 फ़रवरी 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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