अमृतसर: सिखों के सबसे बड़े धर्मस्थल स्वर्ण मंदिर में शनिवार को एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के पवित्र स्थल में घुसे एक शख्स की पीट-पीटकर मार दिया गया| उत्तर प्रदेश के रहने वाले युवक ने स्वर्ण मंदिर में कथित तौर पर गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान करने की कोशिश की और वहां रखी श्रीसाहिब (कृपाण) उठा ली थी। इसके बाद लोगों ने उसे पकड़ लिया और पीट-पीटकर मार डाला।
दरबार साहिब में जिस जगह शख्स घुसा वहां पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश है| यहीं संगत माथा भी टेकती है| पीतल का जंगला फांदकर स्वर्ण मंदिर के इस हिस्से में शख्स घुस आया था| बेअदबी की इस घटना के बाद SGPC के सेवादारों ने शख्स को पकड़कर उसे काबू कर लिया, जिसके बाद उसको पीट-पीटकर मार दिया गया| आरोपी शख्स पवित्र ग्रंथ तक नहीं पहुंच पाया|
इस घटना के बाद स्वर्ण मंदिर में माहौल गरमा गया है। उग्र भीड़ ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि युवक की बॉडी दिखाई जाए और शव पुलिस को न सौंपा जाए। अमृतसर के DCP परमिंदर सिंह भंडाल ने बताया कि युवक का शव सिविल अस्पताल भेज दिया गया है।
स्वर्ण मंदिर की घटना पर अमृतसर डीसीपी परमिंदर सिंह भंडाल ने बताया,''आज शाम को एक लड़के ने दरबार साहब में गुरुग्रंथ साहिब से बेअदबी करने की कोशिश की। काबू करके उसे बाहर लाया गया, संगत के लोगों के साथ हुई मारपीट में उसकी मौत हो गई। हमने उसके शव को सिविल अस्पताल भेज दिया है|
डीसीपी परमिंदर सिंह भंडाल के मुताबिक आज एक 24-25 वर्षीय व्यक्ति (स्वर्ण मंदिर) के अंदर घुस गया, जहां पवित्र ग्रंथ (गुरु ग्रंथ साहिब) रखा गया है| उसने तलवार से उसे अपवित्र करने की कोशिश की| संगत के लोगों द्वारा उसे वहां से निकाला गया था| इस दौरान मारपीट में उसकी मौत हो गई| उसके शव को सिविल अस्पताल भेज दिया गया है|
पाठ के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब के करीब पहुंच गया युवक
स्वर्ण मंदिर में सचखंड साहिब के अंदर शनिवार शाम करीब 6 बजे रहरास (शाम को किया जाने वाला श्री गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ) चल रहा था। यहां सुरक्षा के लिए एक जंगला बना हुआ है। जंगले के अंदर सिर्फ पाठ करने वाले रहते हैं। संगत की कतार में शामिल युवक अपनी बारी आने पर तेजी से सचखंड साहिब के अंदर पहुंच गया।
जो CCTV सामने आया है उसमे , दिख रहा है कि बेअदबी करने वाला युवक दर्शन करने वाले लोगों में शामिल है। उसके आगे एक सिख नौजवान खड़ा था। वह माथा टेकने के लिए झुका तो युवक चुपचाप खड़ा होकर उसके उठने का इंतजार करता रहा। सिख नौजवान खड़ा होकर बाहर जाने वाले दरवाजे की तरफ बढ़ा तो युवक आगे आकर वहां लगी ग्रिल के करीब पहुंच गया। कुछ पल रुकने के बाद अचानक वह ग्रिल लांघकर अंदर कूद गया। उसने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे रखी तलवार उठा ली। यह सब कुछ महज कुछ सेकेंड में हो गया।
घटना के समय वहां SGPC के कई सेवादार और पाठी मौजूद थे। युवक के कृपाण उठाने पर 4 सेवादारों ने उसे दबोच लिया। युवक ने विरोध किया, लेकिन चारों सेवादार उसे दबोचकर जंगले के नजदीक ले गए। वहां संगत में खड़े एक युवक और SGPC के एक और सेवादार ने उसे सिर से पकड़कर बाहर खींच लिया। इस दौरान सेवादारों ने युवक को मुक्के भी मारे।