औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया में एक स्कूल में शिक्षक ने नाबालिग बच्चे की रॉड से बेरहमी से पिटाई कर दी। बच्चे की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। टीचर की पिटाई से दलित छात्र की मौत के बाद सोमवार को जमकर उपद्रव हुआ। गांव में बच्चे का शव पहुंचने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी फूंक दी। पुलिस पर पथराव किया। इस मामले में अभी तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीँ, नाबालिग बच्चे की मौत की खबर मिलते ही टीचर फरार हो गया है।
पुलिस ने कहा,'औरैया पुलिस ने बीती रात (कल , 26 सितंबर 2022 को) छात्र के शव को सड़क पर रखकर प्रर्दशन करने तथा सरकारी वाहनो को जलाने व क्षतिग्रस्त करने वाले 09 अभियुक्तगणो को गिरफ्तार कर आज (27 सितंबर 2022 को) माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
अछल्दा थाना क्षेत्र के वैशोली गांव निवासी निखित कुमार फफूंद रोड के आदर्श इंटर कॉलेज में 10वीं में पढ़ता था। अछल्दा कस्बे के आदर्श इंटर कालेज के शिक्षक अश्वनी सिंह की पिटाई से घायल 15 वर्षीय छात्र निखित कुमार की 25/26 सितंबर की रात्रि में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में मौत हो गई| बच्चे निखित की मौत की खबर मिलते ही टीचर अश्विनी सिंह फरार हो गया है। आदर्श इंटर कॉलेज बंद है। वहीं, दलित बच्चे की मौत की खबर मिलते ही भीम आर्मी के सदस्य गांव पहुंच गए हैं।
गांव में बच्चे का शव पहुंचने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने छात्र के शव को सड़क पर रखकर प्रर्दशन करने | इसी बीच कुछ शरारती तत्वों ने ऐरवाकटरा थाने की पुलिस जीप में आग लगा दी और पत्थरबाजी भी की। उपद्रवियों ने एक पुलिस की जीप और चीता बाइक को आग के हवाले कर दिया।उपद्रवियों ने पुलिस फोर्स पर पथराव करते हुए 500 मीटर तक दौड़ाया। DM और SP समेत कई अफसरों की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। तोड़फोड़ और आगजनी के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स भी तैनात कर दी गई है।
मृतक छात्र के पिता राजू दोहरे के मुताबिक, ''7 सितंबर को सामाजिक विज्ञान के टीचर अश्विनी सिंह ने क्लास में टेस्ट लिया था। लेकिन उसके उत्तर में कई गलतियां थीं। इस पर टीचर अश्विनी सिंह ने निखिल को बाल पकड़ कर लात-घूसों और डंडों से इतना पीटा कि वह स्कूल में ही बेहोश हो गया।''इस घटना कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में उसके परिजनों को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंचे परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। वहां से छात्र को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां पर निखिल का इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान सोमवार भोर उसकी मौत हो गई।
औरैया पलिस के मुताबिक,''अछल्दा थाना क्षेत्र के वैशोली निवासी मृतक छात्र के पिता राजू राजू दोहरे पुत्र सोबरन सिंह ने 24 सितंबर को थाने पर लिखित तहरीर दी कि मेरे पुत्र निखित जो आदर्श इण्टर कालेज में पढ़ता है जिसे उसके शिक्षक द्वारा दिनांक 7 सितंबर को पीटा गया था| इस सम्बन्ध में थाना अछल्दा पर एसी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था|
औरैया पलिस ने बताया,''सैफई पीजीआई में दौरान इलाज दिनांक 25/26 सितंबर की रात्रि को छात्र की मृत्यु हो गयी, जिसके पार्थिव शरीर को बाद पोस्टमॉर्टम उसके निवास स्थान ग्राम वैशोली में थाना अछल्दा की फोर्स के साथ लाया जा रहा था तभी मृतक के परिजन व भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं द्वारा शव को बलपूर्वक एम्बुलेन्स से उतार कर आदर्श इण्टर कालेज अछल्दा के सामने रखते हुए जाम लगाकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
पुलिस टीम द्वारा सहानुभूति पूर्वक उन्हें काफी समझाया गया तथा विधिक कार्यवाही करते हुए न्याय दिलाने का आश्वासन दिया जा रहा था परन्तु प्रदर्शनकारियों द्वारा आवेशित होकर पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट, गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गयी तथा वर्दी फाड़ कर कार्य सरकार में बाधा उत्पन्न करते हुए सरकारी वाहनों तथा अन्य वाहनों पर पथराव व आगजनी की गयी, जिससे आतंक का माहौल व्याप्त हो गया। तथा सरकारी सम्पत्ति का काफी नुकसान पहुँचा ।
पलिस ने बताया,''उपद्रव के मामले में 35 नामजद और 250 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पलिस के मुताबिक,''नामजद आरोपियों में मृतक के पिता राजू दोहरे का नाम भी शामिल किया गया है, जबकि अज्ञात में परिवार का नाम डाला गया है।
पलिस ने बताया,'प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक कानपुर प्रशांत कुमार, जिलाधिकारी औरया प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव व पुलिस अधीक्षक औरेया चारू निगम द्वारा घटना स्थल का तत्काल निरीक्षण किया गया तथा आज, 27 सितंबर को पुलिस महानिदेशक कानपुर भानू भास्कर व कानपुर मण्डलायुक्त राजशेखर द्वारा परिवारीजनों से मिलकर उनको न्याय का आश्वासन दिया गया।
अब तक 9 गिरफ्तार
अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु अपर पुलिस अधीक्षक औरैया शिष्यपाल व क्षेत्राधिकारी बिधूना महेन्द्र प्रताप सिंह के निकट पर्यवेक्षण में टीमें गठित कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। पुलिस टीमों द्वारा सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों की जाँच की गयी तथा मुखबिर को अभियुक्तगणों की गिरफ्तारी हेतु लगाया गया जिस क्रम में आज, 27 सितंबर को को मुखबिर की सूचना पर सम्बन्धित 9 अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पीड़ित परिवार से मिले कानपुर जोन के ADG
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे कानपुर जोन के ADG भानु भास्कर ने कहा, "औरैया में 15 वर्षीय बच्चे कि शिक्षक द्वारा की गई पिटाई से मृत्यु हो गई है।" भानु भास्कर ने कहा,'चिकित्सकों ने काफी कोशिश की लेकिन बच्चे को बचा नहीं पाई। बच्चे के शव को जब उसके घर लाया जा रहा था तभी उसके स्कूल के पास कुछ लोगों ने बच्चे के शव को रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग को पूरा करने का प्रयास किया गया है| कुछ उपद्रवियों ने प्रदर्शन के दौरान गाड़ी को जला दिया। प्रदर्शन को शांत करवाने के बाद आज यानी मंगलवार को बच्चे का अंतिम संस्कार किया गया है। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी|
आरोपित शिक्षक फरार, जांच चल रही: एसपी
औरैया एसपी चारु निगम ने कहा,''इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। घटना के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस जीप में तोड़फोड़ कर उसमें आग लगा दी। आरोपित शिक्षक फरार है। जांच चल रही है|
अखिलेश यादव ने घटना को बताया दुखद
निखित की मौत पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट करके दुखद जताया है। ट्विटर पर लिखा है- 'औरैया में एक छात्र की शिक्षक द्वारा पीटे जाने से हुई मृत्यु का समाचार दुखद ही नहीं, बेहद संवेदनशील है। सरकार से यथोचित कार्रवाई करें और पीड़ित परिवार को मुआवजा भी थे। शिक्षा जीवन देती है लेती नहीं।
इंसाफ व उचित कार्रवाई के अभाव में लोग काफी आक्रोशित...: मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट कर कहा कि, “औरैया में शिक्षक की पिटाई से दलित छात्र की मौत पर सरकारी उदासीनता व लापरवाही का मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है। इंसाफ व उचित कार्रवाई के अभाव में लोग काफी आक्रोशित हैं। सरकार ऐसे संगीन मामलों को रफादफा करने के बजाय तुरन्त प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे, बीएसपी की यह माँग।
मायावती ने कहा कि, “साथ ही, यूपी में दलितों, गरीबों, मजलूमों व अल्पसंख्यकों आदि के साथ-साथ महिलाओं की असुरक्षा का मामला भी काफी चर्चाओं में है। महिला पुलिसकर्मियों के विरुद्ध थाना में शोषण व अन्याय की खबरें भी लगातार सुर्खियों में हैं, जो सरकार के कानून-व्यवस्था के दावे को गलत साबित करती हैं।
छात्र की पिटाई के बाद मृत्यु की घटना निंदनीय
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि, “औरैया (उप्र) में एक दलित छात्र की पिटाई के बाद मृत्यु की घटना निंदनीय है। 19 दिन तक छात्र जिंदगी व मौत के बीच जंग लड़ता रहा, लेकिन पुलिस दोषी व्यक्ति को पकड़ न सकी। ये इस तरह की पहली घटना नहीं है। आखिर कब तक फौरी कार्रवाई करने की बजाय सरकार की कानून व्यवस्था लचर बनकर काम करेगी?