अयोध्या: रुपये लेकर सरकारी विभाग में फर्जी नियुक्ति कराने वाले गिरोह के 6 सदस्यों को थाना तारून द्वारा गिरफ्तार किया गया| तारुन इलाके के फतेहपुर कमासिन गांव में बेरोजागर युवकों को ठगने के लिए ट्रेनिंग सेंटर खोल रखा था। यहां पर भारतीय खाद्य निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये वसूलने के बाद ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता था। इस जालसाज गिरोह का खुलासा एसटीएफ और तारुन पुलिस संयुक्त रुप से किया है। इस मामले में 6 लोगों को दबोचा गया है। तारुन थाने में पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में एक अपना नाम बदलकर गिरोह का संचालन करता था।
अयोध्या पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के सदस्य द्वारा गांव में भारतीय खाद्य निगम की इकाई की स्थापना भी कर लिया है। जिसमें करीब 60 बोरी धान रखा गया था। गिरोह के सदस्य बेरोजगार युवकों से साढ़े तीन लाख ऐंठते थे और उन्हें फर्जी नियुक्त पत्र जारी कर प्रशिक्षण कराते थे। अब तक 50 बेरोजगार युवक इस गिरोह के झांसे में आ चुके हैं।
तारुन थाना क्षेत्र की ग्राम सभा फतेहपुर कमासिन में स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास इस गिरोह के सदस्यों ने गांव के अमित वर्मा से भारतीय खाद्य निगम का गोदाम बनाने के लिए जमीन ली थी। बताया गया कि गोदाम बनाने के लिए कोई एग्रीमेंट जमीन का नहीं किया गया है। धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सदस्यों ने जमीन पर गोदाम का ढांचा भी खड़ा कर लिया है। जिस पर एफएसडी 96 एवं भारतीय खाद्य इकाई लिखकर धोखाधड़ी का कार्य किए जाने लगा।
गिरोह के सदस्यों द्वारा बेरोजगार युवकों को ठगने का नया फार्मूला बनाया गया। उसके झांसे में कई जिलों के 50 बेरोजगार युवक आकर ठगी का शिकार हो गए है। ठगी के शिकार हुए युवक कौशांबी जिला अंतर्गत ग्राम रतवा पोस्ट शेखपुर रसूलपुर थाना चरवा निवासी बृजेश कुमार शर्मा इसकी शिकायत एसटीएफ लखनऊ से की थी। शिकायत के आधार पर एसटीएफ ने छापा मारकर गोदाम से चार युवकों को हिरासत में लिया और तारुन थाने में रखकर पूछताछ की। पूछताछ के बाद इस ग्रुप के संचालन का भंडाफोड़ हुआ।
क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने बताया कि गिरोह के सदस्य बेरोजगार युवकों से साढे़ तीन लाख रुपये की ठगी भारतीय खाद्य निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर सकते थे। एक लाख रुपये लेकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देकर अपने द्वारा बनाए गए गोदाम में प्रशिक्षण कराते थे। पीड़ित की शिकायत पर एसटीएफ की टीम ने चार युवकों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ कर रही है। गिरोह का एक सदस्य नकुल सिंह निवासी थाना जैतपुर अंबेडकरनगर के नाम से कार्य कर रहा था, जबकि उसका वास्तविक नाम अनुराग प्रजापति निवासी ग्राम सभा कस्तूरीपुर थाना महराजगंज है।
पुलिस ने राज कपूर सिंह उर्फ राजीव माथुर निवासी ग्राम कस्तूरीपुर थाना महाराजगंज जिला अयोध्या, सौरभ सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट काशीपुर थाना वजीरगंज गोंडा हाल पता 538 / 1159 त्रिवेणी नगर सीतापुर रोड लखनऊ, सचिन कुमार श्रीवास्तव उर्फ रंजन ओम प्रकाश श्रीवास्तव निवासी 165 ऊंची मंडी थाना मुट्ठीगंज इलाहाबाद, विशाल प्रजापति उर्फ पंकज निवासी कस्तूरीपुर थाना महाराजगंज जिला अयोध्या, विमल कुमार वर्मा निवासी फतेहपुर कमासिन थाना तारुन अयोध्या, नकुल सिंह उर्फ अनुराग प्रजापति निवासी ग्राम कस्तूरीपुर थाना महाराजगंज के खिलाफ मुकदमा दर्ज गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के पास एक लखनऊ नंबर की कार, दो बाइक, 19 हजार 290 रुपये नगद, 11 मोबाइल, एक लैपटॉप, तीन आधार कार्ड, दो पैनकार्ड, एक फिंगरप्रिंट स्नेकर, 10 एटीएम, 12 फर्जी आईडी कार्ड, एक उपस्थित पंजिका, 10 कूट रचित अंकपत्र, ट्रेनिंग शेड्यूल लेटर 15, तीन चेक बुक व परिचय पत्र बरामद हुआ है।