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24 अगस्त 2026

बांसवाड़ा जेल से 3 कैदी फरार: कंबल की रस्सी बनाई, 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग गए

बांसवाड़ा: राजस्थान में बांसवाड़ा की जिला जेल से तीन कैदी फरार हो गए। बांसवाड़ा की जिला जेल की 22 फीट ऊंची दीवार पर करंट के तारों का जाल लगा होने के बावजूद कैदी फरार हो गए। फरार कैदियों में से एक मध्…

बांसवाड़ा जेल से 3 कैदी फरार: कंबल की रस्सी बनाई, 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग गए
बांसवाड़ा जेल से 3 कैदी फरार: कंबल की रस्सी बनाई, 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग गए | फ़ोटो: TVL News

बांसवाड़ा: राजस्थान में बांसवाड़ा की जिला जेल से तीन कैदी फरार हो गए। बांसवाड़ा की जिला जेल की 22 फीट ऊंची दीवार पर करंट के तारों का जाल लगा होने के बावजूद कैदी फरार हो गए। फरार कैदियों में से एक मध्य प्रदेश का, जबकि दो राजस्थान के हैं। फरार कैदियों की तलाश के लिए समूचे जिले में नाकाबंदी कड़ी कर दी गई है|



बांसवाड़ा SP राजेश मीणा के मुताबिक, जेल की तरफ से रिपोर्ट मिली कि 3 कैदी रात में फरार हो गए हैं। मामले में मुकदमा दर्ज़ कर तीनों कैदियों को पकड़ने के लिए टीम लगाई गई है। तीनों कैदी कंबल की रस्सी बनाकर भागने में कामयाब हुए|



जो कैदी जेल से फरार हुए, उनमें रतलाम-मध्य प्रदेश निवासी परमेश पुत्र रमेश, बांसवाड़ा निवासी कमलेश (20) पुत्र मान सिंह भाभोर और प्रवीण (19) पुत्र कमलेश निनामा शामिल है। कुछ दिन पहले ही इन बंदियों को यहां लाया गया था।  परमेश के खिलाफ 365, 344 और 376 IPC में मामला विचाराधीन है। कमलेश पर अपहरण की धारा 363, 84, 86 (2), JJ एक्ट में मुकदमा दर्ज है। प्रवीण के खिलाफ मोटागांव थाने में IPC की धारा 379 में मामला दर्ज है।




यह घटना करीब 2.30-3 बजे हुई और सुबह 5.30 बजे जेल प्रशासन को पता चला।  जेल की दीवार पर तीन कंबल एक-दूसरे से बंधे मिले और जिनके जरिए वह दीवार पर चढ़े और कवच बनाकर बहती बिजली के तारों के नीचे से निकलने में कामयाब हो गए। जेल की दीवारें ऊंची होने के साथ टॉप पर बिजली की एलटी लाइनों के करंट वाला जंजाल है। इस करंट के बीच से परिंदा भी पर मारकर बाहर नहीं जा सकता। ऐसे में कंबल को गठान बांधकर बंदी वहां से बाहर कैसे हुए ये बड़ा सवाल बनकर सामने आ रहा है




पीछे छोड़ गए ये सवाल

● गर्मी के दिनों में कैदियों तक कंबल कैसे पहुंचे।

● कैदियों की लंबाई करीब 5-5 फीट है। ऐसे में 4 कैदी एक-दूसरे पर खड़े होते हैं तो 20 फीट की दीवार पर पहुंचते हैं। करंट के तारों के बीच दीवार के टॉप पर खड़े होने की गुंजाइश नहीं है। ऐसे में एक कैदी को सफलता मिलने के बाद बाकी के दो कैदी उस दीवार को कैसे लांघ गए।

● जेल के अंदर बाहर दोनों जगहों पर रात के समय गश्त करने का सिस्टम है। बावजूद इसके कैदियों को जेल के भीतर इतना सब कुछ करने का मौका कैसे मिला।

● जेल की दीवार के टॉप पर V शेप में करंट के करीब 8 तार हैं। इनमें से परिंदा भी पर नहीं मार सकता। ऐसे में चालू बिजली लाइन के बीच एक फुट गैप को कैदियों ने कैसे पार किया।

● जेल प्रशासन का कहना है कि टॉप की बिजली लाइनों में करंट की सप्लाई कभी बंद नहीं होती। ऐसे में कैदी करंट के बीच खुद को बचाकर कैसे पार जा सकते हैं।



tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 10 जून 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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