बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में परसरामपुर में मुनीब को गोली मार कर लुट करने वाले शातिर लुटेरे पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार| परशुरामपुर में मुनीम को गोली मारकर लूट करने वाले लुटेरों की पुलिस टीम से हुई मुठभेड़। मुठभेड़ के दौरान लुटेरे को किया गया गिरफ्तार।गिरोह का सरगना दीपक शुक्ला अभी भी फरार है| स्वाट टीम प्रभारी विनोद यादव, परशुरामपुर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मिश्र, एसओजी टीम प्रभारी मृत्युंजय पाठक की संयुक्त टीम और लुटेरों के बीच हुई मुठभेड़। आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, लूट के रुपये, मोटरसाइकिल बरामद|।एसपी हेमराज मीना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया घटना का खुलासा
पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने बताया कि,'' परसरामपुर की घटना में संलिप्त तीन अभियुक्तो (दुर्गेश मिश्र, अंकित शुक्ला और चन्दन तिवारी उर्फ लक्ष्मीचन्द) को पुलिस मुठभेड़ में आज बिलारी भीटी चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया| अभियुक्तो के पास से 02 अदद कट्टा 315 बोर, 04 जिन्दा कारतूस, 02 खोखा कारतूस 315 बोर, 01 अदद मोटरसाइकिल हीरो एच0 एफ0 डिलक्स, 9300 रुपया बरामद कर थाना परसरामपुर पर मु0अ0सं0 91/21 धारा 307,4011,413,420, 467,468,471 भा0द0वि0 व मु0अ0सं0 92,93,94/2021धारा 3/25 A Act पंजीकृत किया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हम चार लोगों का एक गिरोह है, हम सभी चारों लोग बेरोजगार हैं, हमारे गिरोह का मुखिया दीपक शुक्ला पुत्र राधेश्याम शुक्ला (ग्राम ढढौवा मेहनिया थाना छपिया जिला गोण्डा) है, जब हम लोगों को कोई रोजगार नहीं मिला तब हम लोगो ने तय किया कि पैसे वालों को लूटेंगे और अपराध से ही अपना जीवन यापन करेंगे|
,''दिनांक 19-02-2021 को अमौली गांव के सीवान में हुयी लूट व गोली मारने की घटना के बारे में पूछताछ पर आरोपियों ने बताये कि हम लोगों ने अपराध करने के लिए अयोध्या में अपना ठिकाना किराये का कमरा लेकर बनाया है, हम चारो लोग वहीं इकठ्ठा होकर योजनायें तैयार करते थे| दिनांक 11-02-2021 को चन्दन तिवारी अयोध्या आया हम लोगों से मिला|
दीपक शुक्ला ने कहा कि पैसे की कमी चल रही है, किसी ऐसे व्यक्ति को बताओ जिससे कुछ पैसा लूटा जा सके तब चन्दन तिवारी ने बताया कि बेदीपुर शराब भट्ठी का मुनीब लालमणि पाण्डेय हमारे बैजलपुर स्थित मकान व दुकान के सामने से रोज शराब की बिक्री का लाखों रूपये लेकर अपने घर डुहवा पाण्डेय जाता है| लेकिन मुझको वह पहचानता है इसलिए मैं तुम लोगों को उसके आने-जाने की सूचना दे दंगा तुम लोग उससे पैसा छीन लेना, इसके बाद हम लोग जो धनराशि मिलेगी बराबर बांट लेंगे इस पर सबने सहमति जताई|
दिनांक 17-02-2021 को लालमणि पाण्डेय को लूटने की योजना थी, श्रृंगीनारी पुलिया पर बैठकर लालमणि पाण्डेय के बारे में दीपक शुक्ला, दुर्गेश को बताया परन्तु उस दिन दुर्गेश के मित्र का किसी से झगड़ा हो गया इसलिए पैसा छीनने का प्लान कैंसिल कर दिये\ दिनांक 19-02-2021 को मैं शाम 07:00 बजे बेदीपुर पहुंच गया था तथा दुर्गेश, अंकित शुक्ला व दीपक शुक्ला कहां लूटना है उसकी जगह चिन्हित कर लिए तथा लगभग शाम 08:30 बजे मोड़ पर जहां घटना हुयी दुर्गेश मिश्रा व दीपक शुक्ला एक मोटा डंडा व असलहा लेकर मौजूद हो गये|
अंकित शुक्ला ने हम लोगों को बताया था कि जब लालमणि पाण्डेय की मोटरसाइकिल अमौली से डुहवा पाण्डेय के लिए मुड़ेगी तब मै उसके पीछे रहंगा तथा मोड़ के करीब पहुंचने पर मोटरसाइकिल का दाहिना इंडिकेटर जला कर हार्न बजाउंगा उसी गाड़ी के उपर तुम लोग डण्डे से वार करके उसको रोक लेना __ तब तक मैं पहुंच जाऊंगा और रूपये छीन कर भाग जायेंगे।
दर्गेश ने बताया कि प्लान के मुताबिक चन्दन तिवारी श्रृंगीनारी भठ्ठी पर आ गये तथा अंकित शुक्ला – बैजलपुर और अमौली के बीच में अपनी स्प्लैण्डर लेकर मौजूद रहे| शराब की दुकान बंद करके लालमणि पाण्डेय बेदीपुर से श्रृंगीनारी पुलिया पार किये तो चन्दन ने अंकित शुक्ला को बताया परन्तु जल्दी न पहुंचने पर पुनः अंकित शुक्ला ने पूछा तो चन्दन तिवारी ने बताया कि अभी अंग्रेजी शराब की दुकान पर रूके हैं जैसे ही यहां से चलते हैं बताता हूं|
कुछ देर बाद लालमणि पाण्डेय श्रृंगीनारी अंग्रेजी शराब भट्ठी से अपनी मोटरसाइकिल से चले तो चन्दन ने फोन करके बताया कि, चल दिये हैं इसके बाद बैजलपुर और अमौली के बीच से अंकित उनके पीछे लग गया योजनानुसार जैसे ही मोड़ के करीब पहुंचे तो अंकित ने दाहिना इण्डिकेटर जलाया व हार्न मारा, हम लोग समझ गये, दीपक मोटे डण्डे से मोड़ पर आते ही गाड़ी के आगे हेडलाइट पर मारा, मोटरसाइकिल लड़खड़ा गयी तथा लालमणि पाण्डेय नीचे गिरे तो मैने(दुर्गेश) तथा दीपक शुक्ला ने उनको पकड़ा वह हम लोगों से लड़ पड़े तब तक अंकित भी आ गया|
वह भी हम लोगों के सहयोग मे आया तो दीपक को तथा मुझे पकड़ लिया, अंकित छूट गया, हम लोग उसके पैण्ट की तलाशी लिये तो कोई पैसा नही था तब तक अंकित ने गाड़ी पर टंगे झोले को उठाकर बताया कि पैसा मिल गया चलो परन्तु लालमणि पाण्डेय हम लोगों को कस कर पकड़ लिया था तथा मजबूत पड़ रहा था| कोई चारा न देखकर दीपक शुक्ला ने अपने पास मौजूद असलहे से एक फायर उसके पैर में मारा फिर भी लालमणि पाण्डेय हम लोगों को नहीं छोड़ा तो अंकित शुक्ला ने भी एक गोली उसके पेट में मारा तब वह गिरा|
इसके बाद हम तीनो लोग दीपक शुक्ला की मोटरसाइकिल पर बैठकर बिछनइया पाण्डेय के रास्ते भाग कर रात में दीपक शुक्ला के घर ढढौवा मेहनियां आ गये, सवेरे हम तीनो लोग तथा चन्दन तिवारी बभनान में इकठ्ठा हुये| हम लोगों को लूट में कुल 45000 /- (पैंतालीस हजार) रूपये मिला था जिसमें 15000 /- (पन्द्रह हजार रूपये) रूपये दीपक शुक्ला ने ले लिया तथा हम तीनो लोगों को दस-दस हजार रूपया मिला| साहब जो हम लोगों के पास से पैसे मिले हैं वह उसी लूट के हैं बाकी पैसे खर्च हो गये ।
मोटरसाइकिल के बारे में पूछने पर बताये कि यह मोटसाइकिल हम लोगों ने चुराया था, चारो लोग आवश्यकतानुसार इसका प्रयोग नम्बर प्लेट बदल कर करते हैं, चेचिस नम्बर इसलिए मिटा दिया कि पकड़े न जा सकें।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण:
1) दुर्गेश मिश्र पुत्र विनोद मिश्र, निवासी ग्राम धोबही थाना परसरामपुर।
अंकित शुक्ला पुत्र त्रियुगी नारायण उर्फ तुफानी शुक्ला ग्राम कोड़री थाना परसरामपुर
3) चन्दन तिवारी उर्फ लक्ष्मीचन्द पुत्र कमलापति तिवारी निवासी ढेबरहिया राउत थाना परसरामपुर।