बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में जिला अदालत ने विवाहिता की जलाकर हत्या करने के मामले में उसकी सास, ननद, जेठानी को आजीवन कारावास की सजा का आदेश सुनाया है। साथ ही प्रत्येक आरोपियों को 5 हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दंडित किया है। अर्थदण्ड न जमा करने पर उन्हे 2 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
बस्ती जिले में थाना मुण्डेरवा अंतर्गत दिनांक 16 अगस्त 2018 को विक्रम चौधरी पुत्र सहदेव चौधरी निवासी परासी थाना मुण्डेरवा की पुत्री शांति को उसकी सास भवानी व ननद पूनम तथा जेठानी ने मिलकर मिट्टी का तेल डालकर जला दिये, जिससे वह गंभीर रुप से झुलस गयी| और ईलाज के दौरान शांति की मृत्यु हो गयी। इस सम्बंध में थाना मुण्डेरवा पर मु0अ0सं0 257/2018 धारा 302 IPC पंजीकृत किया गया था।
विवाहिता शांति की जलाकर हत्या करने के मामले में भवानी उर्फ भगवानी देवी पत्नी स्व0 रामअधारे, सुनीता देवी पत्नी भगवत तथा पुनम पत्नी अशोक कुमार निवासिनी गण तीरतिमिया पार थाना लालगंज को माननीय न्यायालय ASJFTC-1 बस्ती द्वारा आजीवन कारावास व प्रत्येक को पांच हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गयी।
जानकारी के मुताबिक,''मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के परासी गांव निवासी विक्रम चौधरी ने अपनी पुत्री शांति का विवाह थाना लालगंज क्षेत्र के तीरतिमियापार मुरादपुर गांव निवासी जोगेन्द्र के साथ घटना से करीब 7 वर्ष पूर्व किया था।
पिता विक्रम चौधरी के मुताबिक,' घटना के दिन उसकी बेटी का पति जोगेन्द्र भैंस चराने के लिए गया हुआ था। इस बीच दोपहर 3: 30 बजे उसकी बेटी की सास भवानी, ननद पूनम, जेठानी सुनीता ने मिलकर मिट्टी का तेल छिड़ककर उसे जला दिया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में मुंडेरवा पुलिस ने तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। दर्ज कराए गए मुकदमे में शांति के पिता ने अपने दामाद पर कोई आरोप नहीं लगाया था। दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा था कि उसकी पुत्री को अपने पति से कोई शिकायत नहीं थी।