-जनता के हितों के लिए हम समाजवादी लोग सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करते रहेंगे": समाजवादी पार्टी
-सत्ता का हर सितम सहते हुए बस्ती की सम्मानित जनता के हितों की आवाज बुलंद करते रहेंगे समाजवादी: पार्टी
बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में बस्ती को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए , BDA के मनमानी के खिलाफ, किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए , बढ़ती महंगाई एवं बेरोजगारी के खिलाफ ,ध्वस्त कानून व्यवस्था आदि मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने शास्त्री चौक पर विशाल धरना प्रदर्शन किया और राज्यपाल को सम्बोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन सौपा।
समाजवादी पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा शास्त्री चौक बस्ती पर क्षेत्रीय जनसमस्याओं के संबंध में जनपद बस्ती को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए, BDA के मनमानी के खिलाफ, बस्ती के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति सहित अन्य स्वस्थ संबंधी समस्याओं, किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान, मिल कर्मियों के बकाया का भुगतान कराने के लिए, बढ़ती महंगाई एवं बेरोजगारी के खिलाफ, ध्वस्त कानून व्यवस्था आदि के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के द्वारा राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया ।।
वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता और पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी ने कहा कि अन्याय, अराजकता, उत्पीड़न, मंहगाई, बेरोजगारी के सवालों को लेकर संघर्ष तेज करना होगा। चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी संघर्षों की कोख से जन्मी हैं। हमें अभी से 2024 की तैयारियों में जुट जाना होगा जिससे समस्याओं से निजात मिले।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष एवं बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि भाजपा की सरकार में हर क्षेत्र के लोग परेशान और बेहाल है, मंहगाई, बेरोजगारी अपने चरम पर है। किसान, नौजवान, छात्र, व्यापारी परेशान है। सपा जनहित के सवालों को लेकर अपना चरणबद्ध आन्दोलन जारी रखेगी।
मांगों में बस्ती को सूखा ग्रस्त घोषित करने, बस्ती विकास प्राधिकरण की महायोजना 2031 को समाप्त किए जाने, मुण्डेरवा, रूधौली चीनी मिल के गन्ना किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किए जाने, वाल्टरगंज चीनी मिल के बकाया गन्ना मूल्य, कर्मचारियों का वेतन शीघ्र भुगतान कराए जाने की मांग की।
इसके अलावा बस्ती विकास प्राधिकरण की मनमानी पर रोक लगाने, बढ रही मंहगाई, बेरोजगारी को कम किए जाने, बिजली कटौती पर रोक लगाते हुए सूखे की स्थिति को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त बिजली आपूर्ति किए जाने, प्रदेश में गिरती कानून व्यवस्था को रोकने, महिलाओं पर हो रहे बढते अपराध को रोके जाने, व्यापारियों, मजदूरों एवं छात्रों पर हो रहे उत्पीड़न को रोके जाने आदि की मांग शामिल है।