बदायूं:उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में 50 वर्षीय एक महिला की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई है| बदायूं जिले के उघैती क्षेत्र में पूजा करने गई 50 वर्षीय आंगनबाड़ी सहायिका की गैंगरेप के बाद निर्मम हत्या कर दी गई है| यही नहीं इस दौरान हैवानियत की सभी हदों को पार भी किया गया|
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके गुप्तांग में रॉड जैसी कोई चीज डालने का मामला सामने आया है| इसके अलावा बाईं पसली-पैर-फेफडे में चोट की पुष्टि भी हुई है। हत्या करने के बाद बहशी दरिन्दे आंगनबाड़ी सहायिका की अर्धनग्न लाश को गाड़ी में डालकर उसके घर के बाहर फेंक गए। इस पूरे प्रकरण में पुलिस भी लापरवाह बनी रही जिसका फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक एक पुजारी समेत तीन लोगों पर इसका आरोप लगा है| पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है| मामला रविवार की देर शाम का है| यहां लापरवाही बरतने के आरोप में उघैती के थाना प्रभारी राघवेंद्र को सस्पेंड कर दिया है| पुलिस को अभी भी एक आरोपी की तलाश है|
रिपोर्ट के मुताबिक महिला के साथ न सिर्फ सामूहिक दुष्कर्म किया बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी, जिससे उसका आंतरिक हिस्सा तक फट गया। आरोपियों ने महिला का एक पैर और एक पसली तोड़ दी थी। उसके शरीर का सारा खून बह जाने से उसकी मौत हुई। अब उघैती पुलिस ने धर्मस्थल के पुजारी सत्यनारायण दास, मेवली निवासी वेदराम और यशपाल के खिलाफ हत्या व दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल, एक आरोपी गिरफ्तार किया गया है। थाना पुलिस ने मामले को हादसे का रूप देने की कोशिश की थी।
बदायूं एसएसपी ने बताया कि,''एक 50 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के संदर्भ में IPC की धारा 302 और 376D के अंतर्गत मुकदमा दर्ज़ किया गया। एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही बरतने के दोषी पाए जाने के कारण तत्कालीन थाना प्रभारी को निलंबित किया जा रहा है|
एसएसपी संकल्प शर्मा ने कहा "आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और 302 (हत्या) के तहत 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।एसएसपी ने बताया कि,'मामले मे तीन लोग शामिल हैं। जिसमें से 2 लोगों की गिरफ्तारी कर ली गई है। एक फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं। फरार अभियुक्त पर 25000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जल्दी ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। जांच चल रही है|
एफआईआर के मुताबिक महिला रविवार शाम धर्मस्थल पहुंची थी। सात घंटे बाद यानी रात 12 बजे पुजारी सत्यनारायण दास, वेदराम और यशपाल उसे अर्द्धनग्न हालत में घर के बाहर फेंक गए। उसके प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। उसका एक पैर टूटा हुआ था। परिजन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन पुलिस सोमवार दोपहर तक मौके पर नहीं पहुंची।बाद में पुलिस ने मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टाल दिया। मंगलवार दोपहर बाद महिला के शव का पैनल में पोस्टमार्टम कराया गया। महिला के शव की हालत देखकर खुद चिकित्सक तक हैरान रह गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाली गई, जिससे अंदरूनी हिस्सा फट गया। उसकी बाईं सातवीं पसली टूटी हुई मिलीं और बायां फेफड़ा भी फटा हुआ था। इसके अलावा उसका बायां पैर टूटा हुआ मिला है जो महिला के साथ हुई हैवानियत की कहानी बयां कर रहे थे।
मृतक महिला के परिजनों ने कहा, "वे लोग इन्हें (महिला को) अपनी गाड़ी में लाकर यहां छोड़ गए| यहां पहुंचने तक वह मर चुकी थीं|पुजारी और अन्य लोगों ने उन्हें दरवाजे पर गिरा दिया और जल्दी से छोड़कर भाग गए| महिला के बेटे ने कहा, "मेरी मां रोज पूजा करने के लिए वहां जाती थी| रविवार को वो शाम पांच बजे के करीब पूजा करने गई थीं| वे लोग उन्हें रात के 11.30 बजे के करीब फेंक गए|
UP Congress ने एक ट्वीट में कहा कि,''बदायूं में 50 वर्षीय महिला के साथ गैंगरेप किया गया। दरिंदो ने हैवानियत के बाद गुप्तांग में डाली रॉड, पैर, फेफड़े और पसली को भी चोट पहुंचाई गयी। आदित्यनाथ की पुलिस ने केस को छुपाने के लिए 2 दिन तक पोस्टमार्टम नहीं कराया। आखिर आदित्यनाथ कब तक अपनी नाकामी पर पर्दा डालते रहेंगे?
बदायूं में आंगनवाड़ी सहायिका से गैंगरेप-हत्या कांड पर अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है| SP ने ट्वीटर पर लिखा, ‘यूपी के बदायूं में पूजा करने गई 50 वर्षीय आंगनबाड़ी सहायिका के साथ गैंगरेप और फिर उसके बाद उसकी निर्मम हत्या ने संपूर्ण मानवता को शर्मसार कर दिया है| डूब मरें सत्ताधीश जो महिला सुरक्षा के सिर्फ झूठे दावे किया करते हैं.. दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले और न्याय हो|
इस घटना पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की भी प्रतिक्रिया सामने आई है| आरजेडी के ट्वीटर हैंडल से योगी की सरकार पर कड़ा प्रहार किया गया है| RJD ने लिखा, ‘गोदी मीडिया इस जघन्य बलात्कार पर चुप रहेगा, क्योंकि यूपी में BJP की सरकार है और सरकार एक मठ के निठल्ले बाबा चला रहे है| सरकार चलाने वालों की सामाजिक पृष्ठभूमि क्या है? यह गोदी मीडिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण बन जाता है, अन्यथा तो अब तक जंगलराज और पता नहीं क्या-क्या उपमाएँ दे दी जाती?